DEFENCE

ISRO ने फिर रचा इतिहास, अब नहीं छुप पाएंगे आतंकियों के कैंप और बंकर

PSLV-C38 / Cartosat-2 Series Satellite
नई दिल्ली भारत ने शुक्रवार को अंतरिक्ष में एक और ऐतिहासिक उड़ान भरी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने दूरसंवेदी उपग्रह कार्टोसेट-2 श्रंखला के उपग्रह सहित कुल 31 उपग्रह एक साथ लॉन्च किए। इन उपग्रहों को इसरो के सबसे भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी के जरिए भेजा गया। पीएसएलवी की यह 40वीं (पीएसएलवी-सी38) उड़ान है। इसरो के इस मिशन को सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सेटेलाइट का रेजॉलूशन 0.6 मीटर है, अपनी एडवांस तकनीक से यह बारीक से बारीक चीज का पता लगा लेगा। आतंकियों के कैंप और बंकर का पता लगाने में इसकी मदद ली जा सकेगी।

इसरो के अनुसार, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गुरुवार सुबह 5.29 बजे उपग्रहों के प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू हुई थी। इस रॉकेट ने चेन्नई के करीब श्रीहरिकोटा से शुक्रवार सुबह नौ बजकर 29 मिनट पर उड़ान भरी। पीएसएलवी अपने साथ 29 विदेशी और एक भारतीय उपग्रह को अंतरिक्ष में ले गया। भारतीय सेटेलाइट NIUSAT का वजन 15 किलोग्राम है। इसे तमिलनाडु के नूरल इस्लाम यूनिवर्सिटी ने बनाया है।





उपग्रह का वजन 712 किलोग्राम

कार्टोसेट-2 श्रंखला उपग्रह का वजन 712 किलोग्राम है। पीएसएलवी-सी 38 के जरिये भेजे जाने वाले अन्य 30 उपग्रहों का कुल वजन 243 किलोग्राम है। इन सभी उपग्रहों को 505 किलोमीटर की ऊंचाई पर ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसरो के वैज्ञानिक के मुताबिक पीएसएलवी-सी 38 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के पहले लॉन्च पैड से छोड़ा गया। यह पीएसएलवी के XL संस्करण की 17वीं उड़ान है जिसमें ठोस स्ट्रैप-ऑन मोटर्स का इस्तेमाल किया गया।

14 देशों के 30 उपग्रहों के साथ भरी उड़ान

इसरो ने कहा कि इन 30 उपग्रहों का कुल भार 243 किलोग्राम और कार्टोसेट को मिलाकर सभी 31 उपग्रहों का कुल भार 955 किलोग्राम है। यह रॉकेट उपग्रहों को 505 किलोमीटर दूर ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा (एसएसओ) में स्थापित करेगा। यह यान 14 देशों से 29 नैनो उपग्रह लेकर जा रहा है, जिसमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लिथुआनिया, स्लोवाकिया और अमेरिका के साथ-साथ भारत का एक नैनो उपग्रह भी शामिल है।

ये हैं खासियतें

  • 15 किलोग्राम वजनी भारतीय नैनो सेटेलाइट (NIUSAT) तमिलनाडु की नोरल इस्लाम यूनिवर्सिटी का है। यह उपग्रह कृषि फसल की निगरानी और आपदा प्रबंधन सहायता अनुप्रयोगों के लिए मल्टी-स्पेक्ट्रल तस्वीरें प्रदान करेगा।
  • कार्टोसेट-2 सीरीज के छठे सेटेलाइट का वजन 712 किलोग्राम है और इसके साथ भेजे गए 30 नैनो सेटेलाइट 243 किलो के हैं।
  • लॉन्च किए गए 30 सेटेलाइटों में से 1 भारत का है 29 विदेशी हैं।
  • इन 29 इंटरनेशनल सेटेलाइट्स का लॉन्च इसरो की कमर्शियल कंपनी ऐंट्रिक्स कॉर्पोरेशन और 14 अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों (इंटरनैशनल कस्टमर्स) के बीच कमर्शियल अग्रीमेंट का हिस्सा है।
  • यह सेटेलाइट ISRO के पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल PSLV) से लॉन्च किया गया है, इसकी यह 40वीं उड़ान है।
  • इस सेटेलाइट का रेजॉलूशन 0.6 मीटर है, जिसका अर्थ है कि यह बारीक से बारीक चीज का पता लगा लेगा। आतंकियों के कैंप और बंकर का पता लगाने में इसकी मदद ली जा सकती है।
  • इस सीरीज की पिछली सेटेलाइट का रेजॉलूशन 0.8 मीटर था। इससे मिली तस्वीरों ने ही भारत को लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान के 7 आतंकी कैंपों को नष्ट करने में मदद की थी। ये इतने एडवांस हैं कि ये किसी निर्धारित जगह की तस्वीर भी खींच सकते हैं।
  • शुक्रवार को किए गए इस लॉन्च के बाद इसरो द्वारा भेजे गए स्पेसक्राफ्ट मिशन की संख्या 90 हो गई है।

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