Air Force

दिलचस्प कहानियों से रूबरू हुआ IMA, बहन कैप्टन तो भाई लेफ्टिनेंट, जुड़वा भाई बने अफसर

इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA)

देहरादून। हर इंसान की अपनी एक अलग कहानी होती है। इनमें कुछ कहानियां दिलचस्प, कुछ में दर्द और कुछ में प्यार व खुशियां बसती हैं। कुछ कहानियां बिल्कुल ही अलग होती हैं जो सबसे जुदा, अनोखी और अनूठी कहलाती हैं। अक्सर ऐसी ही कहानियां सालों तक जेहन में रहती हैं। ऐसी ही कुछ कहानियों से इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में भी सामना हुआ।





  • इलाहाबाद के भाई-बहन की कदमताल
इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA)

रिटायर कर्नल हुसैन का बेटा बन गया लेफ्टिनेंट जबकि बेटी है कैप्टन

इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) के रिटायर कर्नल हुसैन की खुशी का ठिकाना नहीं था। उनके बेटा-बेटी ने उन्हीं की तरह सेना में करियर चुना है। डेढ़ साल के अंतराल में उनके दोनों बच्चे फौज में अफसर बन गए। बेटी सना फौज में कैप्टन है और अब बेटा जैन अब्बास आगा लेफ्टिनेंट बन गया है। सेन्ट्रल स्कूल में शिक्षिका उनकी पत्नी अफ्शा ने इन खूबसूरत लम्हों को बेटा-बेटी को अपने आगोश में लेकर भरपूर जिया।

  • जुड़वा भाइयों ने किया सपना साकार

साथ जन्मे, साथ पढ़े और साथ ही अफसर भी बन गए। एक साथ देश सेवा के लिए खुद को समर्पित करने वाले टिहरी के भेटी गांव निवासी जुड़वा भाई गौरव और सौरभ नैथानी दोनों आईएमए से पासआउट हैं, हालांकि गौरव ने छह महीने पहले ही आईएमए पासआउट किया। अब सौरभ भी पासआउट होकर अपने भाई की तरह सेना में अफसर बन गया। सौरभ ने बताया कि आज मेरे भाई के साथ मेरा पूरा परिवार खुश है कि हम दोनों आर्मी में उस जगह पहुंच गये हैं जिसका सपना हम देखा करते थे।

  • मामा भांजा एक साथ बने अफसर

पौड़ी गढ़वाल के लैंसडॉउन तहसील के रहने वाले सुरजन सिंह नेगी और उनकी बहन के बेटे पंकज पटवाल ने एक साथ आईएमए पासआउट किया। मामा भांजे की यह जोड़ी अब सेना में अपनी सेवाएं देंगे। सुरजन सिंह की बात करें तो उनका अफसर बनने का सफर आसान नहीं था। मामूली सिपाही के घर पर सेना में शामिल होने के लिए 10 साल नौकरी की। उसके आर्मी कैडेट कॉलेज में डिग्री हासिल कर एक साल आईएमए में बतौर कैडेट कड़ा प्रशिक्षण लिया। लेकिन उनकी यह मेहनत बेकार नहीं हुई। आज वे और उनका परिवार उनके कंधों पर सजे सितारों की चमक देखकर खुशी से सराबोर हैं।

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