Air Force

सेना, नौसेना में नौ हजार से ज्यादा अफसरों की जरूरत, वायुसेना में अफसर पूरे

सशस्त्र बल

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र सेना में भारी संख्या में अधिकारियों और दूसरे रैंक के कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। सेना के तीनों अंगों यानि थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी और अन्य रैंकों के लिए 61,113 पद रिक्त हैं।





एक सवाल के जवाब में रक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर सुभाष भामरे ने बताया कि 1 जनवरी 2017 तक के आंकड़ों के मुताबिक थलसेना में 7,886, नौसेना में 1,256 अधिकारियों के पद खाली हैं। जबकि, वायुसेना में किसी भी अधिकारी का पद खाली नहीं है। इन आंकड़ों में मेडिकल और दंत शाखाओं के अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है।

तीनों सेनाओं में अन्य रैंक के अधिकारियों की कमी के बारे में श्री भामरे ने राज्यसभा में बताया कि जनवरी 2017 तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, थलसेना में 25,472, नौसेना में 12,785 और 1 मार्च 2017 तक के आंकड़ों के मुताबिक वायुसेना में 13,614 सैन्य कर्मियों की कमी है। उन्होंने बताया कि इस कमी को पूरा करने के लिए 78,205 रंगरूटों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इस प्रकार थलसेना में अन्य रैंकों में कमी की कोई महत्तवपूर्ण समस्या नहीं है।

श्री भामरे ने उक्त जवाब सदन के एक अन्य सदस्य शंकरभाई एन वेगड़ के सवाल पर दिया। उन्होंने सशस्त्र बलों में सैनिकों की कमी के आंकड़े से जुड़े सवाल पूछे थे।

संसदीय समिति ने क्यों कहा, रक्षा बजट बढ़ाना जरूरी?

एक अन्य सवाल, जोकि जवानों के लिए विशेष वर्दी और बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीद और समीक्षा से जुड़ा था, के जवाब में श्री भामरे ने बताया कि देश में सीमावर्ती/फील्ड क्षेत्रों पर तैनात किए सैनिकों की सुरक्षा के लिए विशेष वर्दी की आवश्यकता का आकलन नियमित रूप से किया जाता है और नई मदों/मौजूदा मदों के उन्नत रूप को लाने का प्रावधान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

उन्होंने आगे बताया कि, सरकार प्राधिकृत मानकों के अनुसार समय-समय पर सैनिकों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट (बीपीजे) और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण/वस्त्रों की अधिप्राप्ति करती है। वर्ष 2016-17 के दौरान भारतीय सेना के लिए 50,000 बुलेट प्रूफ जैकेट राजस्व मार्ग के माध्यम से अधिप्राप्ति की गई है।

उन्होंने बताया कि पूंजीगत मार्ग के माध्यम से 1,86,138 बुलेट प्रूफ जैकेटों की प्राप्ति (भारतीय) श्रेणी के अंतर्गत है, जो परीक्षण चरण में है। इसके अतिरिक्त, पूंजीगत मार्ग के माध्यम से 1,58,279 बैलिस्टिक हेलमेट के इंतजाम के लिए एक संविदा दिसम्बर, 2016 में की गई है। विशेष वर्दियों का उन्नयन और उन्नत रूप का प्रावधान किया जाना एक सतत प्रक्रिया है जिसके लिए नियमित रूप से आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

विशेष वर्दी और बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीद और समीक्षा से जुड़ा सवाल परिमल नथवानी ने पूछा था।

Comments

Most Popular

To Top