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भारत-चीन मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए : रक्षा मंत्री

बीजिंग। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की एक ख़ास तस्वीर इन दिनों जहां काफी सुर्खियां बटोर रही हैं। वहीं चीन के रक्षामंत्री वेई फेंग से उनकी मुलाकत दोनों देशों के लिए द्वीपक्षीय रिश्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभिन्न देशों के रक्षामंत्रियों के इस सम्मलेन में वह किसी देश की इकलौती महिला रक्षामंत्री हैं।





शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में रक्षामंत्रियों के सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और चीन संबंधों में मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। उन्होंने अपने चीनी समकक्ष जनरल वेई फानघे से डोकलाम गतिरोध के चलते दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि के बीच यह बात कही। भारत इस बैठक में पहली बार भाग ले रहा है।

गौरतलब है कि एससीओ यूरेशियाई अंतर-सरकारी संगठन है, जिसके गठन की घोषणा वर्ष 2001 में कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा शंघाई में की गई थी। इसे ‘शंघाई फाइव’ कहा गया था।

भारत  व पाकिस्तान को पिछले साल जून में कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए SCO के सम्मेलन में ‘पूर्ण सदस्य देश’ का दर्जा दिया गया था। निर्मला सीतारमण यहां सोमवार को यहां पहुंचीं थीं। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी इस समय चीन दौरे पर हैं और मंगलवार को उन्होंने एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया।

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