DEFENCE

भारत और ब्रिटेन रक्षा रिश्तों को मजबूत करेंगे 

ब्रिटिश पीएम के साथ पीएम मोदी
ब्रिटिश पीएम के साथ पीएम मोदी (सौजन्य- गूगल)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 18 और 19 अप्रैल को ब्रिटेन दौरे में भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा और सामरिक रिश्तों को लगातार मजबूत बनाते रहने पर सहमति बनी है। इस इरादे से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच हिंद महासागर और हिंद प्रशांत के इलाके में सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने  के उपायों पर गहन बातचीत हुई है।





हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर के इलाके में चीन की दादागिरी के खिलाफ भारत और ब्रिटेन का सहयोग का रिश्ता बनाने का संकल्प काफी अहम है।

ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं के मंत्री मार्क लैंकास्टर के मुताबिक दोनों देशों ने कहा है कि हिंद महासागर में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के इरादे से दोनों देशों की नौसेनाएं और नजदीक से काम करेंगी। इस इलाके में दोनों नौसेनाएं समुद्री डाकुओं के खिलाफ तालमेल से कार्रवाई तो करेंगी ही हिंद महासागर और हिंद प्रशांत इलाके में समुद्री आवाजाही की आजादी को भी सुनिश्चित करने का काम करेंगी।

ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और ब्रिटेन की दोस्ती के केन्द्र में रक्षा और सामरिक सहयोग का रिश्ता है। ब्रिटेन पहले से ही हिंद महासागर के इलाके में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा भारत और ब्रिटेन के रक्षा उद्योग के बीच दीर्घकालीन रिश्तों को ठोस आकार देने पर काम चल रहा है। दोनों देशों की थलसेनाओं के बीच हर दो साल पर अजेय वारियर नाम का युद्धाभ्यास होता है जिसमें दोनों सेनाएं एक दूसरे की युद्ध रणनीति सीखती हैं और अपनी युद्ध क्षमता को बढ़ाती हैं। सैन्य सहयोग के अलावा दोनों देश आतंकवाद और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग मजबूत कर रहे हैं ताकि एक दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं को साइबर हमलों से बचा सकें। इसके लिये दोनों देशों के विशेषज्ञ नई तकनीक के विकास पर काम कर रहे हैं।

 

 

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