DEFENCE

भारत ने फिर चीन को आगाह किया रक्षा मंत्रियों की बैठक में

नई दिल्ली। चीन की राजधानी पेइचिंग में शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत ने एक बार फिर चीन को आगाह किया कि देशों के बीच आर्थिक गलियारा या राजमार्गों को बनाए जाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिये कि इस तरह की पहल को लागू करने के दौरान सभी देशों की सम्प्रभुता और प्रादेशिक एकता का ध्यान रखा जाए।





उल्लेखनीय है कि जून महीने में एससीओ की चीन के छिंगताओ शहर में शिखर बैठक होने वाली है जिसकी तैयारी के लिये एससीओ के रक्षा और विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है। इसी बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पेइचिंग गई हैं। इस बैठक को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने भारत और रूस को जोड़ने वाले नार्थ साउथ कारिडोर की चर्चा की और कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने चीन के महत्वाकांक्षी ओबोर प्रोजेक्ट का नाम लिये बिना कहा कि यह जरूरी है कि दूसरे देशों की सम्प्रभुता का ख्याल रखा जाए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस साल रूस में होने वाले शांघाई सहयोग संगठन के पीस मिशन साझा सैन्य अभ्यास में भारत भाग लेगा। चूंकि पाकिस्तान और चीन भी एससीओ के सदस्य हैं इसलिये भारतीय सैनिक चीन और पाकिस्तान के सैनिकों के साथ साझा अभ्यास में हिस्सा लेंगे। रक्षा मंत्री ने भरोसा जाहिर किया कि एससीओ के ढांचे में भारत सभी साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगा।

पाकिस्तान का नाम लिये बिना इशारों में रक्षा मंत्री ने आतंकवाद का जिक्र किया और कहा कि हमारे शांतिपूर्ण समाज के लिये आतंकवाद एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है। आतंकवाद हमारी विकास की आकांक्षाओं को पटरी पर से उतारने का खतरा पैदा करता है। इसीलिये उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को लेकर एससीओ के सदस्य देश शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएं।

Comments

Most Popular

To Top