DEFENCE

भारत-पाकिस्तान खुफिया एजेंसियों के पूर्व  प्रमुखों ने  मिलकर किताब लिखी

बुक लॉन्चिंग के दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

नई दिल्ली। एक दूसरे के खून की प्यासी भारत और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के बीच सीधी बातचीत का प्रस्ताव भारत और पाकिस्तान के पूर्व खुफिया प्रमुखों ने किया है। दोनों आला खुफिया अधिकारियों ने भारत औऱ पाकिस्तान के बीच सभी मसले बातचीत से हल करने की गुहार की है।





पाक सेना प्रमुख बाजवा और एनएसए अजीत डोभाल के बीच हो सीधी बातचीत

इन दोनों पूर्व खुफिया प्रमुखों पाकिस्तान की आईएसआई के पूर्व प्रमुख जरनल असद दुर्रानी और भारतीय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा) के पूर्व प्रमुख ए एस दुलत ने संयुक्त तौर पर एक पुस्तक लिख कर कहा है कि दोनों देश जम्मू-कश्मीर में आपसी होड़ को आपसी सहयोग के इलाके में बदलें। दुलत ने कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच तो सीधी बातचीत होनी चाहिये। दुलत के मुताबिक चूंकि पाकिस्तान में डीप स्टेट यानी खुफिया एजेंसियों की ही चलती है इसलिये क्यों नहीं हम उनसे ही बात करते हैं। आखिर कौन सोच सकता था कि दोनों कोरियाई देश आपस में शांति सुलह की बात के लिये साथ आ जाएं। क्या इसी तरह भारत और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों में कोई सीधा संवाद नहीं हो सकता है। दुलत ने कहा कि भारत औऱ पाकिस्तान के बीच रिश्तों में निराशा का माहौल डीप स्टेट की वजह से ही है।

भव्य समारोह में हुआ जनरल दुलत और जनरल दुर्रानी की पुस्तक का विमोचन

जनरल दुलत और जनरल असद दुर्रानी ने हार्पर कोलिंस द्वारा प्रकाशित पुस्तक The Spy Chronicles: RAW, ISI and the Illusion of Peace सीनियर पत्रकार आदित्य सिन्हा के साथ मिल कर लिखी है। इस पुस्तक का विमोचन यहां एक भव्य समारोह में किया गया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री फारूक अब्दुल्ला, पूर्व वित्त और विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल आदि मौजूद थे। जनरल असद दुर्रानी को भी इस मौके पर मौजूद रहना था लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया इसलिये उनका वीडियो बयान समारोह में दिखाया गया।

तय किया कि पुस्तक में कोई राज नहीं उगलेंगेः जनरल दुर्रानी

जनरल दुर्रानी ने कहा कि हमने दुलत के साथ साझा प्रपत्र लिखे हैं लेकिन संयुक्त पुस्तक लिखऩे का विचार अनोखा था। जब यह प्रस्ताव उनके पास आया तो उन्हें लगा कि यह हमें फंसाने का ‘रा’ का जाल हो सकता है। लेकिन हमने तय किया कि पुस्तक में न तो हम कोई राज उगलेंगे और न ही दोनों सरकारों से कोई सिफारिश करेंगे। हम दोनों देशों की जनता की बातें कहेंगे। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि एक दिन दोनों देशों के लोगों के बीच मेलमिलाप होगा। उन्होंने टिप्पणी की कि उम्मीद पर ही हम कायम हैं।

RAW & ISI Joint book

जम्मू-कश्मीर के लोगों में भरोसा पैदा करना होगाः यशवंत सिन्हा

पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि वह मानते हैं कि मसला भारत औऱ पाकिस्तान के बीच तो बाद का है पहले भारत और जम्मू कश्मीर के बीच मसले हैं जिन्हें भारत सरकार को पहले सुलझाना है। उन्होंने कहा कि हमेशा सख्ती का रवैया दिखाने से काम नहीं चलेगा। भारत सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ एक समय सीमा के भीतर वार्ता को पूरा करना चाहिये। इसके लिये जम्मू-कश्मीर के लोगों में भरोसा पैदा करना होगा। इसके बाद हम पाकिस्तान से बात करें क्योंकि वे डीप स्टेट को संचालित करते हैं।

हम भारतीय हैं और हमें भारत से कोई अलग नहीं कर सकताः फारूक अब्दुल्ला

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम कश्मीरी लोग भारत और पाकिस्तान के बीच फंसे हैं। आखिर हम जाएं तो जाएं कहां। हम भारतीय हैं औऱ हमें भारत से कोई अलग नहीं कर सकता लेकिन इसके लिये भारत सरकार को हमें अपना समझऩा होगा। फारूक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का जो हिस्सा हमारे पास है वह हमारे पास ही रहेगा लेकिन हम इस गलतफहमी में नहीं रहें कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को हम छीन सकते हैं। उसी तरह पाकिस्तान भी हमारे हिस्से वाले कश्मीर को हमसे नहीं छीन सकता।

 

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