DEFENCE

उद्योग जगत के साथ नई साझेदारियां विकसित करने के लिए रक्षा उद्योग विकास बैठक

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्‍पादन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘रक्षा उद्योग विकास बैठक’ का उद्घाटन आज चेन्‍नई में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री इडापडी के.पलानीस्‍वामी की उपस्थिति में किया गया।





उपर्युक्‍त बैठक का उद्देश्‍य निजी उद्योग के साथ नई साझेदारियां विकसित करना है, ताकि केंद्र सरकार की महत्‍वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भरता का लक्ष्‍य प्राप्‍त किया जा सके। इस बैठक के दौरान स्‍वदेशीकरण, आयात प्रतिस्‍थापन और प्रौद्योगिकी के जरिए नई जान फूंकने पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा। यह बैठक रक्षा उत्‍पादन में निजी उद्योगों विशेषकर एमएसएमई (सूक्ष्‍म, लघु एवं मझोले उद्यम) की साझेदारी को प्रोत्‍साहित करने एवं सुविधाजनक बनाने से संबधित मंत्रालय की पहल का एक हिस्‍सा है।

इस बैठक के दौरान निजी फर्मों/कंपनियों विशेषकर तमिलनाडु क्षेत्र के विक्रेताओं (वेंडर) को मौजूदा रक्षा खरीद नीति, डीपीएसयू/ओएफबी की स्‍वदेशीकरण एवं आउटसोर्सिंग प्रक्रियाओं का अवलोकन करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्‍हें स्‍वदेशीकरण एवं आउटसोर्सिंग को प्रोत्‍साहित करने के लिए सरकार द्वारा हाल ही में की गई नीतिगत पहलों के साथ-साथ इस क्षेत्र में उपलब्‍ध अवसरों से अवगत होने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री सीतारमण ने घोषणा की कि अगला डिफेंस एक्‍सपो 11 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल, 2018 के बीच चेन्‍नई में आयोजित किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय, राज्‍य सरकार, रक्षा सेवाओं के वरिष्‍ठ अधिकारीगण, ओएफबी के अध्‍यक्ष, डीपीएसयू के सीएमडी, डीपीएसयू/ओएफबी तथा निजी उद्योगों के वरिष्‍ठ कार्यकारी अधिकारीगण भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। तमिलनाडु के राज्‍यपाल बनवारीलाल पुरोहित और रक्षा राज्‍य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे समापन समारोह में भाग लेंगे।

18 जनवरी, 2018 को आयोजित कार्यक्रम की मुख्‍य बातें निम्‍नलिखित हैं :

  1. रक्षा उत्‍पादन विभाग ने रक्षा उपकरणों के उत्‍पादन क्षेत्र में भारतीय वेंडरों विशेषकर एमएसएमई को प्रोत्‍साहित करने के लिए नीतिगत पहल की।
  2. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने वे प्रौद्योगिकियां प्रदर्शित कीं जो वाणिज्यिक दोहन हेतु निजी क्षेत्र के लिए उपलब्‍ध हैं। रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ के तीन प्रतिरूप प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण समझौते उद्योग जगत को सौंपे – जिनमें से एक-एक थलसेना, नौसेना एवं वायुसेना के लिए है।
  3. एचएएल, बीईएल, बीईएमएल, बीडीएल ने उद्योग जगत द्वारा स्‍वदेशीकरण के लिए 50 से भी अधिक उत्‍पादों को प्रदर्शित किया।
  4. ओएफबी ने स्‍वदेशीकरण के लिए वेंडरों को 20 से भी अधिक उत्‍पादों की पेशकश की
  5. एमडीएल, जीआरएसई, जीएसएल ने वेंडर विकास अवसरों को दर्शाया
  6. रक्षा मंत्री ने सरलीकृत ‘मेक- II’ प्रक्रिया जारी की जिसमें पात्रता प्रक्रिया में दी गई ढील का उल्‍लेख किया गया है। इसके साथ ही कम से कम दस्‍तावेज देने, विभिन्‍न व्‍यक्तियों/उद्योग जगत की ओर से विशेषकर अभिनव समाधानों (सोल्‍यूशन) के लिए स्‍वत: प्रस्‍ताव पेश करने के प्रावधानों और र्स्‍टाट-अप के लिए पात्रता प्रक्रिया में दी गई ढील का भी उल्‍लेख इसमें किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत प्रोटोटाइप के सफल विकास से संबंधित निश्चित ऑर्डर देने की परिकल्‍पना की गई है।
  7. रक्षा मंत्री ने रक्षा निवेशक प्रकोष्‍ठ लांच किया जिसकी स्‍थापना रक्षा उत्‍पादन विभाग द्वारा की गई है। यह प्रकोष्‍ठ संभावित निवेश और नीति तथा रक्षा मंत्रालय के अ‍धीनस्‍थ परियोजनाओं से संबंधित सवालों के संबंध में सभी इच्‍छुक निवेशकों से सीधे बातचीत करेगा।
  8. 1000 से भी ज्‍यादा वेंडर इस दो दिवसीय बैठक में भाग ले रहे हैं।
  9. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना स्‍वदेशीकरण के लिए विशेषकर एमएसएमई से संबंधित अपनी जरूरतों का अनुमान व्‍यक्‍त कर रही हैं।
  10. एमएसएमई मंत्रालय ने सूक्ष्‍म, लघु एवं मझोले उद्यमों को आवश्‍यक सहायता प्रदान करने के लिए नीतिगत पहल की।
  11. औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने ‘कारोबार में सुगमता’ सुनिश्चित करने और रक्षा उत्‍पादों की लाइसेंसिंग से संबंधित मसलों को सुलझाने के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों के बारे में जानकारी दी।
  12. गृह मंत्रालय ने पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के लिए अपनी आवश्‍यकताओं के बारे में विस्‍तृत जानकारी दी।
  13. बैठक से न केवल मौजूदा साझेदारी मजबूत होगी, बल्कि दो दिवसीय बैठक के दौरान नए गठबंधन करने की गुंजाइश भी होगी।
  14. डीपीएसयू/ओएफबी आवश्‍यक रक्षा उपकरणों की आपूर्ति करने हेतु संभावित वेंडरों के लिए मौके पर ही वेंडर पंजीकरण की सुविधा मुहैया करा रहे हैं।
  15. इस बैठक ने तमिलनाडु एवं अन्‍य हिस्‍सों के समस्‍त रक्षा संबंधी वेंडरों और आपूर्तिकर्ताओं को एक ही स्‍थान पर एकजुट कर दिया है। इस बैठक से इस क्षेत्र में एक एयरोस्‍पेस एवं रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का सृजन करने में सुविधा होगी।
  16. रक्षा मंत्री ने 16 जनवरी 2018 को सरकार द्वारा जारी की गई ‘मेक- II’ प्रक्रिया सहित हालिया नीतिगत पहलों, कोयम्‍बटूर के लिए रक्षा नवाचार केंद्र और रक्षा निवेशक प्रकोष्‍ठ पर भी प्रकाश डाला। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्‍साहित करने के लिए और ज्‍यादा पहल की जाएंगी।

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