DEFENCE

रक्षामंत्री को सैन्य खरीद मामलों पर धूल जमना कबूल नहीं

निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। नई रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पदभार संभालते ही ये अहसास करा दिया कि सुरक्षा से जुड़े कार्यों को लेकर कितनी गंभीर हैं। रक्षा मंत्री ने सबसे पहले तीनों सेनाध्यक्षों को फरमान जारी किया कि तीनों सेनाओं के प्रमुख रोजाना सुबह 10 बजे मुलाकात करेंगे। इसी सिलसिल में शीर्षस्थ सैन्य और रक्षा अधिकारियों के साथ अपनी पहली मीटिंग में रक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि सेना के लिए हथियारों और साजो समान की खरीद की लंबी प्रक्रिया को रफ्तार देनी ही होगी। रक्षा मंत्री का आशय साफ था कि रक्षा खरीद की फाइलों पर धूल जमने देना उन्हें कबूल नहीं होगा।





रक्षा मंत्री की सैन्य बलों की जरूरतों और रक्षा चुनौतियों के मद्देनजर हुई बैठक में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा के साथ वायुसेना प्रमुख की जगह वाइस एयरचीफ मार्शल एसबी देव मौजूद थे। बाताया जा रहा है कि इन दोनों मीटिंग में रक्षा मंत्री ने कहा, देश की रक्षा आवश्यकताओं को प्रक्रिया में विलंब की वजह से टाला नहीं जा सकता। इसलिए आवश्यकता है कि सैन्य खरीद से लेकर सुधार के लंबे समय से विचाराधीन प्रस्तावों पर तुरंत फैसले लिए जाएं।

जानकारों के मुताबिक रक्षा मंत्री ने सोमवार को इसी मकसद से रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की मीटिंग हर 15 दिन में बुलाने का भी सैद्धांतिक फैसला किया। रक्षा खरीद परिषद ही सेना के हथियारों और उपकरणों की खरीद को लेकर अहम फैसला करती है।

Comments

Most Popular

To Top