DEFENCE

बीआरओ का भारत-चीन सीमा पर ‘कारनामा’

सड़क निर्माण

ईटानगर। डोकलाम गतिरोध भले ही खत्म हो गया है पर भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में जुटा हुआ है। पड़ोसी चीन की तरफ से बार-बार सीमा पर विवाद शुरू करने की आदतों के मद्देनजर भारत अरुणाचल प्रदेश के सीमा इलाकों में तेजी से सड़क निर्माण कार्यों में जुटा है, ताकि युद्द के हालात में भारतीय सेना आसानी से यहां पहुंचकर दुश्मन को जवाब दे सके। अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनगिरी जिले में चीन से लगे बॉर्डर पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में 71 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई है।





सड़क से यहां स्थित कई गांवों को फायदा पहुंचेगा। बीआरओ द्वारा सोमवार को इसकी जानकारी दी गई। ‘प्रोजेक्ट अरुणांक’ नाम के तहत बनाई गई 71.30 किलोमीटर लंबी सड़क को 31 अगस्त को पूरा होने के बाद सरली और हूरी के बीच सड़क संपर्क स्थापित किया गया।

अरुणाचल प्रदेश को इस नई सड़क के पूरा होने से अरुणाचल प्रदेश के विकास को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। सीमा सड़क संगठन के अनुसार, इस सड़क प्रोजेक्ट की शुरुआत मई 2006 में ही हुई थी। सड़क निर्माण के लिए सभी भारी कंस्ट्रक्शन के सामान वायुसेना के हेलिकॉप्टर्स के माध्यम से पहुंचाया गया था।

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