DEFENCE

भाभा कवच: दुश्मन की आंख में आंख डालकर जवाब देना जवानों के लिए और हुआ आसान

भाभा कवच पहने जवान

नई दिल्ली। स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘भाभा कवच’ बुलेट प्रूफ जैकेट से सशस्त्र और सैन्य बलों के जवानों को दुश्मन की आंख में आंख डालकर जवाब देना और आसान हो गया है। इस बुलेट प्रूफ जैकेट में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने नैनो तकनीक का प्रयोग किया है तथा ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (OFB) व रक्षा उपक्रम मिधानी ने विकसित किया है।





देश की अब तक की सबसे कम वजन वाली भाभा बुलेट प्रूफ जैकेट को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पुलिस एक्सपो- 2019 में लॉन्च किया गया।

भाभा कवच

ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड के अपर महाप्रबंधक वीके चौधरी ने ‘रक्षक न्यूज’ को बताया कि भारतीय रक्षा बलों के लिए यह अब तक की सबसे हल्की और बेहतर जैकेट है। यह जैकेट 360 डिग्री में सुरक्षा प्रदान करती है। आतंकवाद तथा नक्सली क्षेत्रों में सक्रिय सुरक्षाबलों और पुलिस के लिए यह बेहतर कारगर साबित होगी।

उन्नत किस्म की यह जैकेट एके- 47, मिनी इनसास और SLR  से निकली गोलियों का सामना करने में समर्थ है। साथ ही 7.62 MM हार्ड स्टील कोर गोलियों का सामना करने में भी यह जैकेट सक्षम है। भाभा कवच का वजन 9.2 किलोग्राम है और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए यह बड़ी सफलता है।

भाभा कवच

रक्षक न्यूज की राय

भारत के सुरक्षाबल नई चुनौतियों के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों तथा पूर्वात्तर में उग्रवाद का सामना कर रहे हैं। घाटी में आतंकियों ने कई बार स्टील की बुलेट का इस्तेमाल किया है। ऐसे में सुरक्षाबलों और कठिन ऑपरेशनों में पुलिस के लिए भाभा कवच जवानों की सुरक्षा की दिशा में मददगार तथा मील का पत्थर साबित होगी।

Comments

Most Popular

To Top