DEFENCE

बालाकोट एयरस्ट्राइक का कोडनेम ‘ऑपरेशन बंदर’

एयर स्ट्राइक
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पुलवामा में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल(CRPF) के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई का नाम था- ‘ऑपरेशन बंदर’। बालाकोट में की गई इस कार्रवाई में  आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए थे और इसकी गोपनीयता रखने के लिए इसका कोडनेम ‘ऑपरेशन बंदर’ रखा गया था।





वायुसेना के इस सैन्य ऑपरेशन के लिए 12 मिराज लड़ाकू विमानों को भेजा गया था। वरिष्ठ रक्षा सूत्रों के मुताबिक- ‘गोपनीयता बनाए रखने और योजना की जानकारी सार्वजनिक न हो यह सुनिश्चित करने के लिए बालाकोट ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन बंदर’ का नाम दिया गया था।’

यह कोडनेम क्यों रखा गया? किसी खास वजह का खुलासा न करते हुए सूत्रों ने कहा कि भारत में युद्ध के समय बंदरों का हमेशा से ही एक विशेष स्थान रहा है। रामायण काल में भगवान राम के सेनानायक प्रभु हनुमान  चुपके से लंका में घुस जाते हैं और शक्तिशाली रावण का पूरा साम्राज्य उजाड़ देते हैं।

इस साल 26 फरवरी को भी वायुसेना के 12 मिराज विमान भी दबे पांव पाकिस्तान की सीमा में घुसे और जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। वायुसेना के जाबांज पायलेटो ने तड़के 3:30 पर अंजाम दिया था। जब तक आपको इस बात की भनक लगती तब तक वायुसेना के सभी विमान सुरक्षित अपने अड्डे पर आ गए थे।

‘ऑपरेशन बंदर’ के दौरान वायुसेना ने अपनी ‘गरुड़ सेना फोर्स’ को भी सतर्क मुद्रा में रखा था ताकि किसी भी तरह के आपाद हालात में तुरंत निपटा जा सके।

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