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युद्ध क्षेत्र में सेना निर्णय करने के लिए स्वतंत्र : रक्षा मंत्री

केंद्रीय रक्षा मंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि युद्ध क्षेत्र में सेना निर्णय करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र है। मेजर नितिन लीतुल गोगोई के कदम का विशेष जिक्र किए बिना जेटली ने कहा कि सैन्य समाधान सैन्य अधिकारी मुहैया कराते हैं। युद्ध जैसे क्षेत्र में जब आप हों तो स्थितियों से कैसे निपटा जाए, हमें अपने सैन्य अधिकारियों को निर्णय लेने की अनुमति उपलब्ध करवानी चाहिए।





जेटली ने कहा कि सेना के अधिकारी युद्ध जैसे क्षेत्र में फैसला करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। यह बात जेटली ने कश्मीर में पथराव करने वालों के खिलाफ एक शख्स को जीप के आगे बांधने वाले मेजर को लेकर उठे विवाद पर कही है।
उन्होंने कहा कि उन्हें सांसदों से विचार-विमर्श करने की आवश्यकता नहीं है कि उन्हें इस प्रकार की परिस्थितियों में क्या करना चाहिए। रक्षा मंत्री का यह बयान सेना के नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी चौकियों पर गोलाबारी की बात का खुलासा करने के एक दिन बाद आया है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना की ओऱ से नौशेरा में पाकिस्तान चौकियां तबाह किए जाने के बाद पाकिस्तान सेना की एलओसी पर हलचल तेज हो गई है। हालांकि अग्रिम पोस्टों पर जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है। टैंक भी तैनात किए जा रहे हैं।

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