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एंटी टैंक मिसाइल ‘नाग’ परीक्षा में पास हुई, और होंगे टेस्ट

एंटी टैंक मिसाइल नाग

जयपुर। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO-डीआरडीओ) निर्मित ई जेनरेशन एंटी टैंक मिसाइल ‘नाग’ का परीक्षण जैसलमेर की पोखरण रेंज में किया गया। रक्षा सूत्रों के मुताबिक़ इस एंटी टैंक मिसाइल ने परीक्षण के दौरान अपने लक्ष्य को भेदने में सफल रही है। इस मौके पर डीआरडीओ, रक्षा प्रयोगशाला के वैज्ञानिक तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। डीआरडीओ के प्रमुख डॉ. क्रिस्टोफर ने मिशन का हिस्सा रही टीम को बधाई दी। ये परीक्षण अगले चार दिनों तक जारी रहेगा। पाकिस्तान सीमा के पास पोखरण फायरिंग रेंज में इस मिसाइल का परीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी फायरिंग रेंज में अमेरिका से खरीदी गई यूएवी होवित्जर तोपों का भी टेस्ट चल रहा है।





दूसरी बार किया गया है प्रशिक्षण

पिछले वर्ष बीकानेर फायरिंग रेंज में इसी मिसाइल का परीक्षण किया गया था, लेकिन उस दौरान उच्च तापमान में मिसाइल के परीक्षण में कुछ तकनीकी खामियां सामने आई थीं। पिछले वर्ष मिसाइल की मारक क्षमता चार किलोमीटर रखी गई थी, लेकिन इस बार इसे घटाकर तीन किलोमीटर किया गया है। पिछले वर्ष इस मिसाइल को गाइड करने के लिए इसमें लगा इमेजिंग इंफ्रा रेड सिकर अधिक गर्मी के दौरान सही काम नहीं कर सका था। इसलिए एक बार फिर मिसाइल का परीक्षण किया गया। इस परीक्षण में मिसाइल में उच्च क्षमता के उपकरण लगाए गए थे। यह अधिक गर्मी में भी मिसाइल को दिशा नहीं भटकने देंगे। ‘नाग’ का परीक्षण प्रारंभ होने से पूर्व थल सेनाध्यक्ष ने रविवार को जयपुर दौरा भी किया था और पश्चिमी कमान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ की गई उनकी बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीआरडीओ द्वारा निर्मित ये मिसाइल देशी और अत्याधुनिक पांच मिसाइलों में से एक है।

एंटी टैंक मिसाइल नाग

एंटी टैंक मिसाइल नाग का सफल परीक्षण (फाइल फोटो)

ऐसे करती है काम

  • मिसाइल का नामिका वर्जन एक ‘लाक-ऑन बिफोर लांच’ प्रणाली पर काम करता है
  • दागे जाने के पहले ही लक्ष्य का पता लगा लेती है
  • टार्गेटिंग सिस्टम एक विजुअल आइडेंटीफिकेशन पर आधारित
  • जो एक निश्चित दूरी तक अपने लक्ष्य की इमेज निर्देशक तक भेजती है
  • मिसाइल का हेलिना वर्जन ‘लाक ऑन आफ्टर लांच’ प्रणाली पर आधारित है
  • जो दागे जाने के बाद टारगेट की इमेज भेजती है
  • इसकी निश्चित दूरी 7 किलोमीटर है, जो टारगेट तक पहुँचते ही उस क्षेत्र की तस्वीर पीछे आपरेटर तक भेज देती है
  • नाग के लैंड वर्जन की मारक क्षमता बढाई जा सकती है

ऐसा है नाग मिसाइल कैरियर

  • नामिका (नाग मिसाइल कैरियर) सेना के लिए बनाई गई एक टैंक विध्वंसक है, जो एक थर्मल इमेजर से लैस है
  • नामिका भारत में “सारथ”का एक संशोधित रूप बीएमपी -2 IFV है
  • इस कैरियर का वजन 14.5 टन है और यह पानी में 7 किमी/घंटा चलने में सक्षम है
  • कैरियर्स 12 मिसाइलों में से 8 को रेडी टू फायर मोड में ले जाने में सक्षम हैं
  • नामिका वाहक को 2008 में परीक्षण के दौरान 155 किलोमीटर तक परिवहन परीक्षणों के बाद मिसाइल कैरियर के तौर पर शामिल किया गया था

ये है नाग की खासियत

  • इस मिसाइल प्रोजेक्ट की लागत 350 करोड़ रुपये से अधिक है
  • मिसाइल को दागे जाने के बाद रोक पाना असंभव होगा
  • मिसाइल का वजन तकरीबन 42 किलोग्राम है
  • आठ किलोग्राम विस्फोटक के साथ चार से पांच किमी तक मार कर सकती है
  • नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकेंड
  • दागे जाने के तुरंत बाद धुआं नहीं निकलता है, जिससे दुश्मन को उसके होने की जानकारी नहीं मिल पाती
  • दस साल तक बगैर किसी रखरखाव के इसे लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है

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