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पाकिस्तान की सीमा से सटे गांवों में पसरा सन्नाटा, एक लाख लोगों ने छोड़ा घर

सीमावर्ती इलाकों को छोड़ते गांववाले

जम्मू। पाकिस्तान को एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है लगातार गोलीबारी करते हुए। इस गोलीबारी का असर जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों पर दिखाई देने लगा है। कई सीमावर्ती गांव लगभग वीरान हो गए हैं। अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक लगभग एक लाख लोगों को अपना घरबार छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा है। बहुत से लोगों ने अस्थायी शिविरों में शरण ली है कुछ अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां अस्थायी आसरा बनाने को विवश हैं।





सीमा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर बसे केसो गांव का हाल बताते हुए अखबार लिखता है कि इस गांव की आबादी लगभग 1500 है लेकिन अब यहां लगभग सन्नाटा पसरा हुआ है। गोलाबारी के कारण महिलाएं और बच्चे शिविरों में शरण ले चुके हैं। गांव के पुरुष भी शाम को शिविर में पहुंच जाते हैं। केसो निवासी सोनम कुंडल के पिता, मां और भाई मंगलवार की शाम गोलाबारी में घायल हो गए। उन्हें जम्मू के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोनम अब अपने घर का सामान समेटकर अपने किसी रिश्तेदार के यहां जाने की तैयारी में है।

केसो की तरह ही जम्मू, कठुआ और सांबा जिले के कई गावों से लोगों के पलायन की खबर आ रही है। अपना ठिकाना छोड़ने के बाद ज्यादातर राहत शिविरों में आसरा लिए हुए हैं।

सीमावर्ती गांव नांगा भी लगभग खाली हो चुका है। साढ़े तीन हजार लोगों की आबादी वाले इस गांव में मुश्किल से कुछ ही लोग टिके हुए हैं। नांगा निवासी 53 वर्षीय अशोक कुमार, जिनके पड़ोसी का घर फायरिंग में नष्ट हो गया, पाकिस्तान पर गुस्सा निकालते हुए कहते हैं, ‘वे रमजान के महीने में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं, हमारा खून बहा रहे हैं तो हम शांति की बात कैसे कर सकते हैं।’

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी सेना रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलीबारी कर रही है। गोलीबारी में एक आठ महीने के मासूम समेत कई नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।

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