DEFENCE

तीन वर्ष में सेना के 425 जवान शहीद, अनुग्रह क्षतिपूर्ति दोगुनी

शहीद

नई दिल्ली: पिछले तीन वर्ष में देश के अन्दर और बाहर 425 भारतीय सशस्त्र बल के जवान शहीद हुए हैं। इस बात की जानकारी लोकसभा में रक्षा राज्यमंत्री डॉक्टर सुभाष भामरे ने दी। उन्होंने बताया कि 2014 से 2016 के बीच भारतीय सेना के 291, नौसेना के 105 और वायुसेना के 29 जवानों ने शहादत दी।





साल दर साल आंकड़ों की जानकारी देते हुए मंत्री डॉक्टर सुभाष भामरे ने बताया कि 2014 में सेना के 77, नौसेना के 41 और वायुसेना के 13 जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए। वहीं, 2015 में यह आंकड़ा क्रमश: 109, 31 और 0 रहा। वर्ष 2016 में सेना के 105 जवान शहीद हुए, जबकि नौसेना के 33 और वायुसेना के 16 जवान शहीद हुए।

रक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर सुभाष भामरे

एक अन्य सवाल के जवाब में श्री भामरे ने बताया कि शहीद हुए सैनिकों के परिवार/निकटतम संबंधी मौजूदा नियमानुसार उदारीकृत/विशेष परिवार पेंशन मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपदान, एक मुश्त अनुग्रह क्षतिपूर्ति इत्यादि के माध्यम से वित्तीय सहायाता पाते हैं। वे पुनर्वास महानिदेशालय/केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से चल रही विभिन्न कल्याण योजनाओं का लाभ भी उठा सकते हैं। कुछ राज्य सरकारें भी मृतक सैनिकों के परिवार/निकटतम संबंधी को सहायता प्रदान करती हैं।

श्री भामरे ने सदन को शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता से भी जुड़ी जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि अनुग्रह क्षतिपूर्ति, जो पहले 10-25 लाख रुपए थी उसे सरकार ने जनवरी 2016 से बढ़ाकर 25-45 लाख रुपए कर दिया है।

लोकसभा में उन्नाव लोकसभा सीट से सांसद साक्षी महाराज के सवालों के जवाब में डॉक्टर भामरे ने उक्त जानकारियां सदन को दी। उन्होंने पिछले तीन वर्ष में शहीद हुए जवानों की जानकारी और शहीद जवानों के परिजनों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता से जुड़े सवाल पूछे थे।

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