DEFENCE

रक्षा क्षेत्र में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करनेवाली कंपनी को ही मंजूरी

रक्षा क्षेत्र में एफडीआई

वाशिंगटन। भारत ने रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की मंजूरी शर्त के साथ ही देगा। शर्त के मद्देनजर सौ फीसदी FDI की मंजूरी उसी कंपनी को दी जाएगी जो पूरी तरह से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को इच्छुक होगी। इस बात से जुड़ी जानकारी देते हुए एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि भारत और अमेरिका सह-विकास और सह-उत्पादन के अहम चरण में इंटर करने को तैयार है।





अमेरिकी कॉरपोरेट सेक्टर के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान पिछले हफ्ते भारत के रक्षा उत्पादन सचिव अशोक गुप्ता ने 100 फीसदी एफडीआई की सशर्त मंजूरी की बात कही थी।

कार्यक्रम का आयोजन अमेरिका-भारत सामरिक साझेदारी फोरम (USISPF) की ओर से किया गया था। इसमें बोइंग लॉकडीह मार्टिन, BAE सिस्टम, हनीवेल और एईसीओएम के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।

यूएसआईएसपीएफ की ओर से जारी एक मीडिया रिलीज के मुताबिक अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी की रूप-रेखा की जानकारी देते हुए रक्षा उत्पादन सचिव ने कहा कि अगर कंपनी पूरी तरह से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने को राजी होगी तो भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में सौ फीसदी FDI की मंजूरी दे देगी।

बातचीत के दौरान कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ऑफिसरों को अपनी चिंताओं से रूबरू कराया। विज्ञप्ति के मुताबिक अमेरिकी रक्षा उद्योग से जुड़े ऑफिसरों ने भारत के इस कदम की सराहना की। USISPF के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच रक्षा और टेकनोलॉजी हस्तांतरण के क्षेत्र में सहयोग महत्वपूर्ण है।

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