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आइए, आपको मिलाते हैं इंडिया की इन ‘सुपर वुमेन पावर’ से

महिलाओं के कंधों पर आज के समय में घर चलाने से लेकर सीमा सुरक्षा तक की जिम्मेदारी है। महिलाएं हर काम करने में आगे हैं। आज आलम यह है कि जल, थल, वायु हर क्षेत्र में महिलाएं सुरक्षा बलों में शामिल हैं। कुछ की कमान तो महिलाएं ही संभाल रही हैं।





एक समय था जब इंडियन आर्मी में महिलाओं की भागीदारी नहीं हुआ करती थी लेकिन जब महिलाओं को इसमें जाने का मौका मिला तो उन्होंने खुद को साबित किया। महिलाओं ने वह कर दिखाया जो सबके बस की बात नहीं थी। छोटे पद से लेकर बड़े पद तक महिलाओं ने अपना परचम लहराया। आइए, आज हम आपको भारत की कुछ ऐसी ही ‘सुपर वुमेन’ के बारे में बताते हैं…

कंचन चौधरी भट्टाचार्य

कंचन चौधरी

किरण बेदी के बाद आईपीएस अधिकारी बनने वाली दूसरी महिला हैं कंचन चौधरी भट्टाचार्य। कंचन 1973 बैच की हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर की पहली महिला IPS अधिकारी होने का भी गौरव प्राप्त है। वह किसी राज्य की पुलिस महानिदेशक बनने वाली पहली महिला हैं। वह उत्तराखंड की DGP रहीं और 31 अक्टूबर 2007 को इसी पद से सेवामुक्त हुईं। रिटायरमेंट के बाद वह भी किरण बेदी की तरह राजनीति में आईं और 2014 के आम चुनाव में हरिद्वार से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गईं। किरण बेदी ने भी राजनीतिक पारी का आगाज आम आदमी पार्टी से ही किया था।

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