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भारत और सिंगापुर की आर्मी का संयुक्त युद्धाभ्यास

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झांसी। फील्ड फायरिंग रेंज ‘बबीना’ में भारत और सिंगापुर की सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास इन दिनों जारी है। दोनों सेनाओं के ऑफिसर्स और जवान युद्ध जैसे हालातों में अपने-अपने सैन्य कौशल का आपस में आदान-प्रदान कर रहे हैं। खासतौर पर भारतीय सेना से सिंगापुर आर्मी आतंकवाद से निपटने का हुनर सीख रही है।





फील्ड फायरिंग रेंज ‘बबीना’ में तोपों की गरज सुनाई दे रही है। सेना आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। दिन के अलावा यहां रात के अंधरे में भी सैन्य हलचल नजर आ रही है। यह सब भारत और सिंगापुर की सेना के युद्धाभ्यास का हिस्सा है। दोनों सेनाओं के ढाई-ढाई सौ ऑफिसर्स और जवान फायरिंग रेंज में 5 मार्च से युद्धाभ्यास कर रहे हैं, जो 18 मार्च तक लगातार जारी रहेगा। इस युद्धाभ्यास को ‘एक्सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र: भारत-सिंगापुर कोऑपरेशन’ का नाम दिया गया है। संयुक्त युद्धाभ्यास के माध्यम से भारतीय सेना और सिंगापुर आर्मी अपने-अपने देश के युद्ध कौशल की विशिष्टताओं को साझा कर रही हैं। भारतीय सेना खासतौर पर सिंगापुर आर्मी को आतंकवादी हमलों को कुशलता से कुचलने की कला सिखा रही है।

सिंगापुर के साथ हुआ था द्विपक्षीय समझौता

साल 2003 में भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ था। इसमें सैन्य सहयोग विस्तार, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, सैन्य तकनीकी का विकास और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाना शामिल था। इसी के तहत भारत और सिंगापुर की सेनाएं ‘बबीना’ फील्ड फायरिंग रेंज में संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही हैं।

10 फीसदी भारतीय सिंगापुर में

मुंबई से भी छोटे सिंगापुर की आबादी लगभग पचास लाख है। इस आबादी में दस फीसदी हिस्सा भारतीय मूल के लोगों का है। पिछले दो दशकों के दौरान सिंगापुर दुनिया के बड़े पर्यटक स्थल के रूप में उभरा है। साथ ही इस देश की विश्व के अहम कारोबारी स्थल के रूप में भी पहचान है।

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