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1924 में बने छावनी अधिनियम में होगा बदलाव

रंक्षा मंत्री निर्माला सीतारमण
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। भारत की आजादी से पहले बने छावनी अधिनियम में बदलाव के मद्देनजर केंद्र सरकार ने विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सांसदों, छावनी प्रतिनिधियों एवं रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस बाबत मीटिंग की।





मीटिंग के बाद संभावना जताई जा रही है कि अधिनियम में बदलाव के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी। सांसदों और छावनी परिषदों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 1924 में बने छावनी अधिनियम के कारण इन क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को भारी दिक्कतें हो रही हैं और इन क्षेत्रों का विकास ठप हो गया है, इसलिए इसे बदला जाए। उत्तराखंड के सांसद प्रदीप टम्टा का कहना है कि तीन महत्वपूर्ण सुझाव मंत्री को दिए गए हैं।

  •  कानून को नए सिरे से तैयार किया जाए।
  • नागरिक क्षेत्रों को छावनी क्षेत्र से जहां तक संभव हो सके अलग किया जाए।
  • छावनी परिषदों में जनप्रतिनिधियों की भागादारी सेना से अधिक सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मौजूद मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि इन बदलावों के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनाए जाने का प्रस्ताव रक्षा मंत्री के समक्ष रखा गया है। इस कमेटी में जनप्रतिनिधि, रक्षा मंत्रालय और सैन्य अधिकारी होंगे। जो छावनी क्षेत्रों में होने वाली दिक्कतों के मद्देनजर आवश्यक बदलावों की सिफारिश करेंगे।

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