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शहीदों के मददगार ‘भारत के वीर’ की लांचिंग पर रो पड़े एक्टर अक्षय कुमार

फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार

नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा कि देश की जनता शहीदों के गम में उनके परिवार से जुड़ना चाहती है और इस दिशा में गृह मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ‘भारत के वीर’ नामक वेब पोर्टल एक सार्थक पहल है। उन्होंने यह बात रविवार को यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शौर्य दिवस कार्यक्रम में जवानों की आर्थिक मदद के लिए ‘भारत के वीर’ नामक वेब पोर्टल के लांच के दौरान कही।





फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार

यह है जवानों की आर्थिक मदद के लिए “भारत के वीर” नामक वेब पोर्टल

अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के बाद अक्षय ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा- वेलोर डे। अपने सपने को लॉन्च कर रहा हूं, ‘भारत के वीर’ ऐप जैसा कि हम कहते हैं। जय हिंद। एक ऐसा दिन जब मुझे लगा कि मेरे आंसुओं को रोक पाना ज़रा मुश्किल है, हमारे देश के बहादुर जवानों के परिवारों की मदद कीजिए।

फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार

अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग करते अक्षय

इस मौके पर अक्षय कुमार ने ट्वीट कर लोगों से बहादुर जवानों के परिजनों की मदद करने का आह्वान किया और लिखा, ‘आज मेरे लिए अपने आंसू रोक पाना मुश्किल हो रहा है।’

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 11 मार्च को हुए नक्सली हमले में 12 शहीद जवानों के परिवारों को एक करोड़ की आर्थिक मदद कर चुके बॉलीवुड कलाकार अक्षय कुमार ने कहा कि आम आदमी भी शहीदों के आश्रितों की मदद करना चाहता है लेकिन उनके पास ऐसा कोई माध्यम नहीं था। उन्होंने एक फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकियों के परिवार को पैसा दिया जाता है जो उनकी ताकत है। उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रकरणों के बाद ही उन्हें शहीदों के परिवार को आर्थिक मदद देने का यह विचार आया और इसी नकारात्मक चीज को सकारात्मक चीज में बदलने के लिए तीन माह पहले गृह मंत्रालय से संपर्क किया।

इस वर्ष के सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अक्षय कुमार ने कहा कि पैरामिलिट्री फोर्स के मंच पर बैठना मेरे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उनके पिता आर्मी में थे और वह इस कार्यक्रम में आर्मी जवान का बेटा बनकर ही आये हैं। अक्षय ने कहा कि शहीदों जवानों के परिवार के लिए शुरू की गई इस पहल में देश की सवा सौ करोड़ जनता के सहयोग की जरूरत है।

बता दें कि अक्षय कुमार के सुझाव पर गृह मंत्रालय ने यह वेबसाइट और एप तैयार किया है। अक्षय ने सरकार को सुझाव दिया था कि सीमा या आंतरिक सुरक्षा में तैनाती के दौरान शहीद हुए सशस्त्र बल के जवानों का ऑनलाइन ब्योरा सार्वजनिक होना चाहिए, जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति शहीद जवान के परिवार को मदद मुहैया करा सके।

जैसलमेर BSF के डीआईजी अमित लोढ़ा की मदद से तैयार इस एप्लीकेशन और वेबसाइट में शहीद के पूरे परिवार और बैंक खातों के बारे में जानकारी होगी, जिसके जरिये देश में कोई भी व्यक्ति किसी शहीद परिवार को सीधे ही उनके खाते में आर्थिक मदद पहुंचा सकेगा। वेबसाइट पर शहीद हुए सैनिक की शहादत से जुड़े अभियान की जानकारी भी दर्ज होगी।

किसी भी परिजन के बैंक खाते में सहायता राशि जमा कराने की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये तय की गई है। यह सीमा पूरी होते ही संबद्ध शहीद के परिजनों की जानकारी वेबसाइट से खुद-ब-खुद हट जाएगी।

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