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गिरफ्तार आतंकी ने अपने साथियों से की मुख्यधारा में लौटने की अपील, कहा ‘सेना ने दी है नई जिंदगी’

श्रीनगर। भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में हर संभव  प्रयास कर रही है कि चरमपंथ की राह से जुड़े युवा  मुख्यधारा में लौट आएं। इसीका नतीजा है कि बारामूला में हुए एक आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए एक आतंकवादी ने एक वीडियो के जरिये अपने अन्य साथी आतंकियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की है।





एक वीडियो के जरिए एजाज़ अहमद गोजरी नाम के इस शख्स ने अपने साथियों से गुजारिश की है कि वे हिंसा की राह छोड़, अमन की राह पर आगे बढ़ें। इस अपील में गिरफ्तार आतंकी ने दो टूक कहा है कि पाकिस्तान युवाओं को गुमराह कर रहा है, जबकि भारतीय सेना ने उसे नई जिंदगी दी है।

साथियों से की हिंसा छोड़ने की अपील

गिरफ्तार आतंकी ने वीडियो के जरिये अपने साथियों से अपील करते हुए कहा, ‘मेरा नाम एजाज़ अहमद गोजरी है। मैं अपने परिवार को छोड़ गलत रास्ते पर चला गया था। मै जंगलों में रह रहे अपने दोस्तों सुहैब अखून, मोहसीन मुश्ताक बट और नासिर अमीन द्राज़ी से घर लौटने की गुजारिश करता हूं। मैं नासिर से गुजारिश करता हूं कि वापस आ जाओ क्योंकि उसकी मां बहुत बीमार है।

अपील में गोजरी ने कहा, हमने सेना पर फायरिंग की लेकिन उन्होंने हम पर गोलियां नहीं चलाईं। मैं मौके से भागकर झाड़ी में छुप गया, लेकिन सेना ने मुझे ढूंढ लिया और वे चाहते तो मुझे मार सकते थे लेकिन मुझे मारने के बजाय उन्होंने मुझे नई जिंदगी दी।

इस वीडियो में एजाज को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि पाकिस्तान युवाओं को गुमराह कर रहा है। पाकिस्तान में बैठे हमारे आका  भारतीय सेना के बारे में हमें गलत जानकारी देते हैं। आपको आना चाहिए और सेना के अफसरों से मिलना चाहिए। यह एक साजिश है जिसमें वे (पाकिस्तानी) हमारी जिंदगियों से खेल रहे हैं। जबकि सच यह है कि भारतीय सेना ने मुझे गिरफ्तार कर एक नई जिंदगी दी है।’

गौरतलब है कि उत्तर कश्मीर में बुधवार को लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े मॉड्यूल का भांडाफोड़ कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक स्वयं प्रकाश पाणि के अनुसार, ‘हमारे पास यह बताने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं कि गैर कानूनी संगठन लश्कर-ए-तैयबा उत्तर कश्मीर में हिंसा भड़काने और बेगुनाह लोगों की हत्या करने में बड़ा हाथ है।’

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