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10 दिनों से ज्यादा बड़ी लड़ाई में गोला-बारूद की कमी नहीं बनेगी बाधा, टैंक रोधी बम खरीदेगी सेना

टी 90 टैंक

नई दिल्ली। सेना में टैंक रेजिमेंट को पर्याप्त ताकत देने और गोला-बारूद की कमी को दूर करने के लिए भारतीय सेना टैंक भेदी बम जल्द ही खरीद सकती है। एक न्यजू वेबसाइट के मुताबिक सेना ने टी- 90 और टी- 72 टैंक के लिए करीब एक लाख स्पेशलाइज बम खरीदने का प्रस्ताव रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के सामने पेश किया है। इस कमी के दूर होने के बाद सेना की ताकत में काफी बढ़ोत्तरी होगी और सबसे खास बात यह है कि भारत 10 दिनों से ज्यादा बड़ी लड़ाई में भी सक्षम होगा।





भारतीय सेना की ओर से यह प्रस्ताव एक हाई लेवल मीटिंग में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने रखा गया। सेना के द्वारा फिन स्टेबिलाइज्ड आर्मर पियर्सिंग डिस्कार्डिंग सैबो (एफएसएपीडीएस) गोला-बारूद खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है, जो टी- 90 और टी- 72 टैंक में प्रयोग किया जाता है। इससे दुश्मन के टैंक को भी ध्वस्त किया जा सकता है। ये गोला-बारूद टैंक के लिए बेहद जरूरी है। खास कर टैंक की लड़ाई में इसकी खास जरूरत पड़ती है।

एक लाख टैंक भेदी बम की मांग

इससे पहले इस बम को भारत में ही बनाने की कोशिश भी की गई, पर ये प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। सेना को अगर एक लाख टैंक भेदी बम जल्द मिल जाते हैं तो इससे हमारी सेना के पास जरूरी गोला बारूद का स्टॉक भी बना रहेगा। इस स्टॉक से सेना 10 दिन की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहेगी।

गोला-बारूद को लेकर नौसेना और वायुसेना ने भी किए कॉन्ट्रैक्ट्स

भारत सेना के लिए सर्जिकल के बाद से ही साजो-सामान को दुरुस्त करने में जुटा है। इसी कड़ी में नौसेना और वायुसेना ने उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गोला-बारूद के मद्देनजर विदेशी कंपनियों के साथ कई कॉन्ट्रैक्ट भी किए हैं, जिसमें रूस के साथ हवा से हवा में मार गिराने वाली मिसाइल भी शामिल है।

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