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शहीद परमजीत की बेटी के सपनों को पूरा करने यूनुस और अन्जुम पहुंचे उसके गाँव

अन्जुम आरा

तरनतारन/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपायुक्त यूनुस खान और उनकी पत्नी सोलन की पुलिस अधीक्षक अन्जुम आरा ने आज अपने वादे के मुताबिक़ शहीद परमजीत सिंह की छोटी बेटी खुशदीप को अपना लिया। यूनुस और अन्जुम परमजीत की पत्नी और बच्चों से मिलने आज तरनतारन में उनके गाँव वेईन्पुई पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिवार को हमारी पहल मंजूर है। परिवार हमारे फैसले से खुश है।





इस दम्पति ने खुशदीप की खुशी के लिए अपने पास रखना तो उचित नहीं समझा अलबत्ता पढाई से लेकर शादी तक का पूरा खर्च उठाने का जिम्मा ले लिया। यहीं नहीं प्रशासनिक अफसर दम्पति ने परिवार की आर्थिक मदद भी की है पर कितनी और क्या…यह बताने से उन्होंने इनकार कर दिया।

अन्जुम आरा

अन्जुम आरा और यूनुस खान तरनतारन में अपनी ‘गोद’ ली बेटी खुशदीप के साथ (साभार-HT)

रक्षकन्यूजडॉटकाम से ख़ास बातचीत में उन्होंने बताया कि हम यूनिफार्म फ़ोर्स में होने के अलावा समाज का भी हिस्सा हैं तो एक मां होने के नाते एक मां का दर्द क्या होता है, यह मुझसे बेहतर कौन समझेगा। इसीलिए हमने सोचा कि बच्ची को आर्थिक मदद के साथ-साथ भावनात्मक मदद भी चाहिए होगी। इसलिए वह अपनी मां के पास रहेगी। हम उसे मां से बिछड़ने नहीं देंगे। जब मैं अपने बेटे से अलग नहीं रह सकती तो खुशदीप की मां कैसे रह पाएगी। यही सोचकर हमने फैसला लिया कि बीच-बीच में आते-जाते रहेंगे। कभी अपने पास बुला लेंगे।

यह पूछे जाने पर कि आपसे मिलकर खुशदीप की क्या प्रतिक्रया थी, अन्जुम ने कहा कि वह बेहद शर्मीली है, अब पिता के न होने का गम वह भुला नहीं पा रही है। अन्जुम ने उससे उसकी हाबी और रुचि के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह पढ़ना चाहती है। पढ़ने में उसकी दिलचस्पी है। मैंने खुशदीप की टीचर से भी बात की तो उसने बताया कि खुशदीप काफी इंटेलीजेंट हैं।

अन्जुम आरा

अन्जुम आरा साल 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में सोलन की पुलिस अधीक्षक हैं। इससे पहले वह शिमला की एएसपी व एसपी (साइबर क्राइम) रह चुकी हैं। वह लखनऊ के गुडंबा की रहने वाली हैं। उनके पिता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (RES) में हैं। इस समय वह सीतापुर में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। वह अपने माता पिता की दूसरी संतान हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सहारनपुर (उप्र) के गंगोह में हुयी। यहां के आर्य कन्या इंटर कालेज से हाईस्कूल व एचआर इंटर कालेज से उन्होंने बारहवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। बारहवीं पास करने के बाद अंजुम आरा ने लखनऊ के एक इंजीनियरिंग कालेज से बीटेक की डिग्री प्रथम श्रेणी में हासिल की। उन्होंने आईपीएस के 2011 बैच की परीक्षा उत्तीर्ण की है।

यूनुस खान

यूनुस खान वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। हिमाचल में अपनी तरह का यह पहला मामला है, जब उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात आईएएस-आईपीएस दंपति ने शहीद की बेटी को गोद लिया हो। यूनुस खान कुछ साल पहले खनन माफिया के खिलाफ अभियान चलाने के दौरान चर्चा में आए थे। तब वह सोलन जिला के नालागढ़ में बतौर एसडीएम थे। नालागढ़ इलाका अवैध खनन के लिए पहचाना जाता है। यहां तैनाती के दौरान यूनुस खान ने खनन माफिया पर सख्त कार्रवाई की थी। उन पर खनन माफिया ने हमला भी किया था।

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