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वीडियो में देखिए, कैसे सेना ने पत्थरबाज को जीप के आगे बांधकर घुमाया

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श्रीनगर। बड़गाम में हुए पुनर्मतदान के दौरान पत्थरबाजों को रोकने के लिए सेना की ओर से एक पत्थरबाज को जीप के आगे बांधकर घुमाने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी तूफान खड़ा हो गया है। वीडियो में दिख रहे युवक का नाम फारूक डार है और वह बड़गाम का रहने वाला है। सेना ने इस वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं। फारूक डार के भाई का कहना है कि वह कोई पत्थरबाज नहीं शाल बुनकर है। इस बीच, रक्षा मंत्रालय ने मामले की छानबीन के आदेश दे दिए हैं।





इस बीच, प्रमुख विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इसे राज्य सरकार की नाकामी का प्रतीक बताया और कहा कि पत्थरबाजों से बचने के लिए अब जीप पर युवकों को बांधा जा रहा है। उमर के इस ट्वीट पर लोगों ने भी उन्हें खूब खरी-खरी सुनाई है। इस बीच, रक्षा मंत्रालय ने मामले की छानबीन के आदेश जारी करते हुए संबंधित कंपनी कमांडर और उसके सीईओ को भी तलब किया है।

सोशल साइट पर एक वीडियो लगातार वायरल हो रहा है। इसमें एक कश्मीरी युवक को सेना की जीप के आगे बांधे हुए दिखाया गया है और कहा जा रहा है कि पत्थर मारने वालों के साथ यही सुलूक होगा। यह वीडिया जिला बड़गाम के बीरवाह कस्बे का है, जहां गत गुरुवार को श्रीनगर संसदीय सीट के उपचुनाव के तहत पुनर्ममतदान हुआ है। वहां पुनर्मतदान के दौरान खूब हिंसा भी हुई थी।

उमर अब्दुल्ला बीरवाह से ही विधायक चुने गए हैं। उन्होंने ही सबसे पहले इस वीडियो को शेयर करते हुए ट्वीटर पर कई ट्वीट किए। इसके बाद यह मामला आगे चल पड़ा। उन्होंने वीडियो और जीप पर बंधे युवक की तस्वीर के साथ ट्विटर पर लिखा इस युवक को सेना की जीप के आगे बांधा गया, ताकि जीप पर पत्थर न फेंके जाएं। उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि इसके साथ ही लोगों को चेतावनी दी जा रही है पत्थरबाजों का यही हश्र होगा। इस पूरे मामले की जांच व संबंधित सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। कोर कमांडर ने भी इसका नोटिस लिया है और संबंधित सैन्य अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। दोषी पाए जाने पर किसी भी को बख्शा नहीं जाएगा।

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