Army

दार्जिलिंग में बवाल, सेना और CRPF के जवान तैनात

दार्जिलिंग

दार्जिलिंग। राज्य सरकार द्वारा बांग्ला भाषा की अनिवार्यता के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) एवं पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद पहाड़ पर बेकाबू हालात पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार के आवेदन पर सेना की दो टुकड़ी और सीआरपीएफ (CRPF) की तीन कम्पनियां दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सिओंग में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए तैनात की गयी हैं।





ईस्टर्न कमांड आर्मी के ऑफिसर एसएस बिर्दी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सेना की दो टुकड़ी में कुल 86 जवानों को दार्जिलिंग भेजा गया है। उन्होंने कहा कि गुरूवार दोपहर अचानक पहाड़ पर फैली हिंसा के बाद राज्य सरकार ने लिखित आवेदन किया था।

इससे पहले दार्जिलिंग में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में कैबिनेट मीटिंग एवं राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहाड़ के मुख्य राजनीतिक दल गोजमुमो के बीच झड़प को लेकर दार्जिलिंग रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे मोर्चा समर्थकों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी। आक्रोशित गोजमुमो समर्थकों ने पुलिस वैन में तोड़फोड़ करते हुए उसे आग के हवाले कर दिया। उग्र भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गये। हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी एवं गोजमुमो समर्थकों के घायल होने की खबर है। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के खिलाफ गोजमुमो समर्थकों द्वारा पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके जाने की बात सामने आ रही है।

गौरतलब है कि 45 साल बाद गुरूवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग स्थित राजभवन में कैबिनेट मीटिंग बुलायी थी। राज्य सरकार द्वारा बांग्ला भाषा को शिक्षण संस्थान में अनिवार्य किये जाने के खिलाफ इस महीने के शुरू से आंदोलन कर रहे गोजमुमो ने कैबिनेट मीटिंग में बांग्ला भाषा को अनिवार्य या ऑप्शनल करने संबंधी फैसले पर विचार करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव डालने के उद्देश्य से सुबह से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

Comments

Most Popular

To Top