Army

सेना के ‘सुपर-40’ ने कश्मीरी युवाओं को दिखाई नई राह

जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और स्थानीय अशांति, पत्थरबाजी की घटनाओं के बीच भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए एक ऐसी पहल को अंजाम दे रही है जो न सिर्फ यहाँ के युवाओं को राह दिखा रही है बल्कि उनकी प्रतिभा को पंख लगा रही है। इतना ही नहीं इन युवाओं की कामयाबी प्रेरणा का काम भी कर रही है। सेना की यह पहल है ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल। जम्मू कश्मीर में सेना की ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल को शानदार कामयाबी मिली है। यहां के नौ छात्र आईआईटी-जेईई एडवांस में चयनित हुए हैं।





जनरल बिपिन रावत

सेना के सहयोग से IIT परीक्षा पास करने वाले कश्मीरी छात्र जनरल बिपिन रावत से मिले

मंगलवार को यहाँ रक्षा मंत्रालय में उनसे मिलने आए सफल छात्र और छात्राओं से थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में अशांति के कारण पीढियां बर्बाद हो रही हैं। राज्य के छात्रों को सीख दी कि आप हिंसा का चक्र ख़त्म करने के लिए अपने हाथ में लैपटाप और किताबें लें न कि पत्थर।

  • सेना के सहयोग से IIT परीक्षा पास करने वाले कश्मीरी युवकों से कहा कि उनकी सफलता कोई आसान बात नहीं है और अब आप घाटी में युवाओं के लिए चमकते हुए उदाहरण बन गए हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी पहली पोस्टिंग 1981-1982 में तब हुई थी जब ”हालात अच्छे थे” लेकिन आज वहाँ पत्थरबाजी की घटनाएं आम हो गई हैं।
जनरल बिपिन रावत

जनरल बिपिन रावत ने सेना के सहयोग से IIT परीक्षा पास करने वाले कश्मीरी छात्रों को पुरस्कृत किया

उन्होंने छात्रों को बताया कि 1991-1992 के बीच मेरी दूसरी पोस्टिंग के दौरान हालात बिगड़ने लगे। इसके बाद 2006-2008 और 2010-2012 के बीच भी मैं J&K में रहा। उन्होंने प्रश्न किया, “मैंने हालात देखे हैं। अभी कितनी पीढियां बन्दूक की गोलियां और विस्फोटकों का धुंआ देखेंगी? इसके कारण पीढियां बर्बाद हो गई हैं। कश्मीर के लोगों और युवाओं के मन में बैठा दिया गया है कि आतंकी या सुरक्षा बल आ जाएंगे।”

  • जनरल ने कहा, “इसलिए आपके एक तरफ आतंकी हैं और दूसरी तरफ सुरक्षा बल। आखिर हम इस माहौल में कितने समय तक रहेंगे। हमें इसे ख़त्म करना होगा। हम चाहते हैं कि वहाँ शान्ति बहाल हो और हम बिना किसी समस्या के अपने दैनिक कार्य कर सकें।” उन्होंने यह भी कहा कि अशांति के वर्तमान वातावरण में घाटी में पर्यटन में भी गिरावट आई है।

जनरल ने कहा, “कश्मीर स्वर्ग है। हमें इसे फिर से वापस लाना होगा जैसा कि पहले था। दुनिया घाटी को देखने के लिए बेताब है लेकिन तनाव की वजह से लोग आ नहीं सकते।” उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जड़ों की ओर लौटें और राज्य के विकास में योगदान करें।

इस पहल के तहत स्थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाता है। सेना की ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल को आईआईटी-जेईई मेन्स एग्जाम 2017 में शानदार कामयाबी मिली है। दरअसल, राज्य के 26 लड़कों और दो लड़कियों ने यह परीक्षा पास कर ली है और इसके साथ ही इस पहल ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 9 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक आईआईटी एडवांस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, जिसके नतीजे 11 जून को घोषित किए गए।

इसके तहत श्रीनगर में युवाओं को कोचिंग सुविधा दी जाती है। यह कोचिंग सुविधा सेना, इसके प्रशिक्षण भागीदार सामाजिक दायित्व एवं शिक्षण केंद्र (सीएसआरएल) और पेट्रोनेट एलएनजी द्वारा मुहैया कराई जाती है। यही नहीं, यह ऐसा प्रथम बैच था जिसमें कश्मीर घाटी की पांच लड़कियों को भी कोचिंग सुविधा मुहैया कराई गई जिनमें से दो लड़कियों ने जेईई मुख्य परीक्षा (मेन्सा एग्जाम) सफलतापूर्वक पास कर ली है।

कश्मीर के छात्रों ने देश के सामने उदाहरण पेश किया : जितेन्द्र सिंह

केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आईआईटी, एनआईटी और रीजनल कॉलेजों के लिए सफल छात्रों को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बधाई दी। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि कश्मीर के छात्र काफी प्रतिभाशाली हैं और इन विद्यार्थियों ने हमारे सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

जम्मू-कश्मीर

केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आईआईटी, एनआईटी और रीजनल कॉलेजों के लिए सफल छात्रों को पुरस्कृत किया

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का लक्ष्य कश्मीर के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए कोचिंग देना है ताकि वे शैक्षणिक सफलता प्राप्त कर सकें। इस कार्यक्रम में 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया था, जिनमें से 35 विद्यार्थियों को श्रीनगर में तथा पांच लड़कियों को दिल्ली/एनसीआर में कोचिंग दी गई। इनमें से 26 लड़के और दो लड़कियां आईआईटी, जेईई की परीक्षा में सफल हुए हैं।
इस अवसर पर भारतीय सेना के 19 इन्फेन्ट्री डिवीजन के मेजर जनरल आर.पी.खालिटा, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के एमडी और सीईओ प्रभात सिंह तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Comments

Most Popular

To Top