Army

दुनिया में आज भी होती है इनके पराक्रम की चर्चा ‘गढ़वाल राइफल्स’ से जुड़ी 16 खास बातें

नायक दरबान सिंह, जसवंत सिंह और भवानी दत्त द्वारा दागी गई गोलियों की आवाजें आज भी दुश्मन के कानों में गूंजती हैं फ्रांस और जर्मन में आज भी ‘गढ़वाल राइफल्स’ की दिलेरी की चर्चा होती है जिस गढ़वाल रेजीमेंट का अतीत सैकड़ों सम्मानों से भरा है और जो सैंकड़ों गढ़वालियों की आजीविका का साधन है। ऐसी ही शौर्य से परिपूर्ण गढ़वाल राइफल्स से जुड़ी खास बातें हम आज आपको बता रहे हैं:





खलंगा युद्ध से जुड़ा है गढ़वाल का सैन्य इतिहास

गढ़वाल रेजिमेंट

वीर-वीरांगनाओं की भूमि गढ़वाल को देवभूमि होने के साथ साथ वीर भूमि होने का सौभाग्य भी प्राप्त है। गढ़वाल का सैन्य इतिहास 1814-15 से शुरू हुआ। सन1814 के खलंगा युद्ध में नेपाल फौज में भी अध‌िकांश भारतीय पहाड़ी लोग थे, इन सैनिकों के युद्ध कौशल से प्रभावित होकर अंग्रेजों ने गोरखों की पांच रेजीमेंटों की स्थापना की, जिसमें गढ़वाली लोग भी भर्ती हुए थे।

Comments

Most Popular

To Top