Army

आतंकियों ने जिस जवान को धोखे से मारा, सेना में शामिल उनके दोनों भाई लेंगे अब बदला

शहीद औरंगजेब के भाई और माता-पिता

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पिछले साल शहीद हुए जवान औरंगजेब आज भी लोगों की जेहन में जिंदा हैं। ईद के खास मौके पर अपने गांव जा रहे औरंगजेब को आतंकियों ने अगवा कर हत्या कर दी ताकि कश्मीर के युवा डरकर सेना में शामिल न हों। पर आतंकियों की इस गलतफहमी को दूर कर दिया औरंगजेब के ही दो भाइयों ने। दोनों भाइयों ने सेना की वर्दी पहन देश की सेवा करने की कसमें खाई।





सोमवार को राजौरी में भारतीय सेना में 100 नए जवान शामिल हुए, उनमें औरंगजेब का भाई तारिक और शब्बीर भी थे। तारिक औरम शब्बीर का एक छोटा भाई भी है। वह भी सेना में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। फिलहाल वह महज 16 साल का है।

जवान औरंगजेब के भाई मोहम्मद शब्बीर और मोहम्मद तारिक सेना में शामिल हो चुके है। इन दोनों भाइयों के फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है और वर्दी में इनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यहां लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों ने सेना ज्वाइन कर आतंकियों के नापाक मंसूबों को धूमिल कर दिया है। छोटा भाई शब्बीर सलानी ने कहा कि हमने सेना देश प्रेम और भाई का बदला लेने के लिए ज्वाइन की है। दक्षिण कश्मीर में हिजबुल आतंकियों ने भाई औरंगजेब को शहीद कर दिया था।

एक अखबार के मुताबिक औरंगजेब के भाई मोहम्मद तारिक पंजाब रेजिमेंट में ट्रेनिंग लेंगे। उन्होंने कहा कि हमने सभी टेस्ट लिखित, मेडिकल और फिजीकल पास किए हैं। पिछले साल 14 जून को हमारे भाई औरंगजेब की हत्या करने के बाद हमने सेना में भर्ती होने की ठानी थी। तारिक और शब्बीर मई में पुंछ के सुरनकोट में हुए सेना भर्ती अभियान में चुने गए थे।

गौरतलब है कि औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ सलानी भी सेना में रह चुके हैं। पिता हनीफ ने कहा कि मेरे दोनों बच्चे तारिक और शब्बीर शहीद औरंगजेब के साहस और वीरता से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा- मेरे बेटे औरंगजेब को आतंकियों ने धोखे से मार डाला। उन्होंने कहां कि मुझे दोनों बेटों पर गर्व है और सीने पर जख्म भी है। मेरा दिल करता है कि उन आतंकियों से मैं खुद लड़ूं जिन्होंने मेरे बेटे औरंगजेब की हत्या का बदला लेंगे।

 

Comments

Most Popular

To Top