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रोहतक के शहीद संदीप की मां ने कहा- दो और बेटों को भेज दूंगी सेना में, लेकिन…

शहीद जवान संदीप

रोहतक। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में अपना सर्वोच्च बलिदान करने वाले 18 ग्रेनेडियर के जवान संदीप मलिक का उनके पैतृक गांव बलंभा में अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े भाई नवीन ने उन्हें मुखाग्नि दी।





जवान संदीप का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा संदीप की मां बाला देवी तथा पत्नी नीरू की आंखों में आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। संदीप की मां ने कहा- हमें बेटे पर गर्व है और सरकार चाहे तो वे अपने दो और बेटे को भी सेना में भेजने के लिए तैयार है। उन्होंने सवाल उठाया आखिर माताएं अपने लाल खपाति रहेंगी।

जवान संदीप को श्रद्धांजलि देने के लिए रोहतक से उनके गांव बलंभा तक गांव के सड़कों और गलियों में पुरुष, महिलाएं व बच्चे खड़े थे। आलम यह था कि रोहतक से उनके गांव तक की 24 किमी की दूरी 3:30 में तय हुई।

पत्नी ने कहा- हर जनम में संदीप ही मिलें

गमगीन संदीप की पत्नी नीरू ने कहा कि वह घर में सबसे छोटी हैं लेकिन पति की शहादत ने उन्हें सबसे बड़ा बना दिया। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि हर जनम में उन्हें पति के रूप में संदीप ही मिलें।

सीने पर खाई गोली

कर्नल प्रदीप दुग्गल ने बताया कि संदीप तथा उनके साथियों ने 06 आतंकियों को मार गिराया था। पुलवामा से शहीद के पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे नायब सूबेदार विनोद कुमार तथा नायक पवन कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आतंकी एक मकान में छिपे हैं। संदीप ने बहादुरी दिखाते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया। लेकिन क्रॉस फायरिगं में संदीप सीने पर गोली खाकर भी पीछे नहीं हटे। आतंकियों की गोली उनके सीने पर बुलेट प्रूफ जैकेट के ऊपर गले के पास लगी।

प्रशासन की बेरूखी

शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन की बेरुखी भी देखने को मिली। शहीद के भाई राजू ने बताया कि पहले प्रशासन ने गाड़ी नहीं दी फिर फूल भी परिजनों से मांगाए।

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