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आतंकी सबजार के जनाजे में दिखे दानिश ने किया सरेंडर

आतंकी दानिश अहमद

श्रीनगर। अलगाववादी मानसिकता के लोगों के लिए कश्मीर में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों का जनाजा ‘जनसमर्थन’ जुटाने के लिए हमेशा मुफीद बैठता है और पाकिस्तान तथा अलगाववादियों के समर्थन में खूब नारेबाजी होती है लेकिन अब लगता है कि माहौल बदल रहा है। इसकी सटीक बानगी है दानिश अहमद का सरेंडर। दरअसल, हिजबुल कमांडर सबजार बट के जनाजे के वीडियो में देखे गए आतंकी दानिश अहमद ने हंदवाड़ा पुलिस और 21 राष्ट्रीय राइफल्स (21RR) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। जबकि सबजार के जनाजे में गूँज रहा था कि उसकी मौत का बदला लिया जाएगा।





  • दानिश 2016 में हंदवाड़ा में पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल रहा

आतंकी दानिश ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया पर दक्षिण कश्मीर के आतंकवादियों के साथ संपर्क में था जिसके बाद उसने आतंकवादी बनने का फैसला लिया था। सम्भावना जताई जा रही है कि आतंकी दानिश से पूछताछ के बाद नए खुलासे हो सकते हैं। घटनाक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने आतंकी के आत्मसमर्पण की पुष्टि की लेकिन किसी भी तरह का विवरण देने से इनकार कर दिया।

  • सुरक्षा बलों ने सबजार के जनाजे का वीडियो देखने के बाद दानिश पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।

दानिश हंदवाड़ा के कुलनगाम का रहने वाला है। सुरक्षा बलों ने सबजार के जनाजे का वीडियो देखने के बाद दानिश पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। सुरक्षा बलों ने बताया कि दानिश देहरादून के दून पीजी कालेज आफ एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नालाजी में B.Sc तृतीय वर्ष का छात्र है। सुरक्षा बलों का दावा है कि दानिश 2016 में हंदवाड़ा में पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल रहा है। वह पकड़ा गया था लेकिन अपने करियर को देखते हुए काउंसिलिंग के बाद पत्थरबाजी से खुद को अलग कर लिया था। अभी जब सेना को पता लगा कि दानिश सोशल मीडिया पर दक्षिण कश्मीर के आतंकियों के संपर्क में है तो उसे बहकावे में आने से रोकने के लिए सेना ने अपनी तरफ से काफी कोशिश की थी। सेना ने उसके माता-पिता को भी समझाया था कि वे अपने बेटे को सरेंडर करने के लिए राजी करें। सेना की पहल काम आई और दानिश ने सरेंडर कर दिया। दानिश को J&K Surrendered Militants Rehabilitation Policy के तहत माना जा रहा है।

  • सेना ने उसके माता-पिता को भी समझाया था कि वे अपने बेटे को सरेंडर करने के लिए राजी करें

27 मई को सायमू-त्राल सेक्टर में मुठभेड़ के दौरान सेना ने हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर सबजार बट को मार गिराया था। उस पर 10 लाख का इनाम था। यह वही सबजार है जिसे बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिजबुल ने कमांडर बनाया था। 21 साल का सबजार चंडीगढ़ कालेज में इंजीनियरिंग का छात्र था। बुरहान की तरह सबजार सोशल मीडिया में ज्यादा एक्टिव नहीं था। सबजार लो प्रोफाइल था।

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