Army

15 साल बाद अमरनाथ यात्रियों पर हुआ ऐसा आतंकी हमला

अमरनाथ-यात्री

श्रीनगर। कड़ी सुरक्षा के दावों को आतंकियों ने एक बार फिर धता बताते हुए आतंकियों ने सोमवार रात करीब 8:30 बजे जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बटेंगू में अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हमला कर गुजरात के सात यात्रियों की हत्या कर दी। बाइक से आए आतंकी गुजरात के वलसाड़ से आए तीर्थयात्रियों की बस पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर भागने में कामयाब रहे।





हमले में लगभग 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 5 पुलिसकर्मी हैं। अमरनाथ यात्रियों पर इससे पहले 1 अगस्त, 2000 को बड़ा हमला हुआ था, जिसमें 30 लोग मारे गए थे। मृतकों में छह महिलाएं हैं। कश्मीर के आईजी मुनीर खान के मुताबिक, बाइक पर तीन आतंकी सवार थे। इनमें से एक की पहचान इस्माइल के रूप में हुई है। वहीं प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है।

वलसाड़ की थी तीर्थयात्रियों की बस

बस में सवार तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर बालटाल के रास्ते मीर बाजार लौट रहे थे। यहां से वे माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने कटरा जाने वाले थे। यह बस नंबर- GJ-09 Z 9976 वलसाड के ओम ट्रेवल्स की थी जो अमरनाथ यात्रा बोर्ड में रजिस्टर्ड नहीं थी। इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा नहीं मिली थी। आईजी खान ने बताया कि आतंकियों ने पुलिस की बख्तरबंद गाड़ी को निशाना बनाया था। पुलिस व आतंकियों की फायरिंग के बीच यात्रियों की बस चपेट में आ गई।

घायलों से मिलने पहुंची महबूबा मुफ्ती

अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले पर जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरा दुख और गुस्सा जाहिर किया है। अनंतनाग अस्पताल पहुंचकर घायल यात्रियों का हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले से सारे कश्मीरियों के सिर शर्म से झुक गए हैं। उन्होंने कहा कि तमाम मुश्किलों के बीच लोग यहां अमरनाथ यात्रा के लिए आते हैं और उनपर हुए हमले की जितनी निंदा की जाए कम है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारी पुलिस और सुरक्षाबल हमले के दोषियों को जल्द पकड़कर कड़ी-कड़ी से सजा देगी। उन्होंने कहा कि हमले में शामिल लोगों ने कश्मीर और मुस्लिमों के नाम पर बड़ा धब्बा लगा दिया है।

25 जून को जारी हुआ था अलर्ट

बाबा बर्फानी के दर्शन की करीब एक माह चलने वाली अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू हुई है तो 7 अगस्त को रक्षाबंधन तक चलेगी। इसके लिए जम्मू-कश्मीर में समूचे यात्रा मार्ग पर भारी सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इसके बावजूद आतंकी अपने मंसूबे में कामयाब हो गए। बताया गया है कि खुफिया एजेंसियों ने 25 जून को ही श्रद्धालुओं पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी कर दिया था।

कड़ी सुरक्षा, फिर भी सेंध

इस बार सरकार ने दावा किया था कि इस बार कई स्तरों की सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। सेना, अद्धसैनिक बल व पुलिस के 40 हजार से ज्यादा जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। एक-एक यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। लेकिन फिर भी कायर आतंकी सुरक्षा में सेंध लगाने में कामयाब रहे।

नहीं रुकेगी अमरनाथ यात्रा

इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए 2.12 लाख यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। 9 जुलाई तक 1.34 लाख से ज्यादा दर्शन कर चुके हैं। यात्रा मंगलवार को भी जारी रहेगी।

‘कायराना हमले के आगे नहीं झुकेंगे’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि भारत ऐसे कायराना हमलों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से फोन पर बात की और सभी तरह के सहयोग और सहायता का वादा किया।

गृहमंत्री ने की मुख्यमंत्री व राज्यपाल से बात

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हमले की सूचना के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सईद और राज्यपाल एनएन वोहरा से फोन पर बात कर हालात पर चर्चा की। राजनाथ ने यात्रा को सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता बनाने के निर्देश दिए हैं।

Comments

Most Popular

To Top