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राजनीति की गंदी दुकान में सेना को सेल पर मत लगाइये !

मेजर-सुरेन्द्र-पूनिया

नई  दिल्ली। आप कम से कम अपनी राजनीति की गंदी दुकान में सेना को सेल पर मत लगाइये। ये एक गुनाह है…पाप है साब……! ये बयान किसी और का नहीं बल्कि सेना के रिटायर मेजर का है। विपक्षी पार्टियों के खिलाफ नेताओं के बयान तो अकसर सुनने को मिलते रहते हैं लेकिन यही बयान जब सेना की तरफ मुड़ जाते हैं तो काफी गलत प्रतीत होते हैं। नेताओं के ऐसे बयान सुनने के बाद सेना के रिटायर मेजर सुरेन्द्र पूनिया को गुस्सा आ गया। उन्होंने अपना गुस्सा एक वीडियो के जरिए जाहिर किया है जिसे उन्होंने अपने ट्विटर अकांउट पर पोस्ट किया है। मेजर पूनिया के इस वीडियो को काफी लोगों ने लाइक और रिट्वीट किया है।





  • हाल ही में इतिहासकार पार्थो चटर्जी ने सेना प्रमुख बिपिन रावत को ‘जनरल डायर’ (यह वही जनरल डायर है जिसने जलियांवाला बाग़ नरसंहार कराया था) कह डाला था और कल (11 मई) कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सेना प्रमुख को ‘सड़क का गुंडा’ कहा डाला हालांकि उन्होंने कुछ घंटों बाद संदीप ने माफी मांग ली है लेकिन पार्थो अभी भी अपने बयान पर कायम हैं।

मेजर सुरेन्द्र पूनिया ने भारतीय सेना और आर्मी चीफ पर दिए बेतुके बयान पर कहा कि मैं एक आर्टिकल पढ़ रहा था जिसमें किसी सज्जन ने आर्मी चीफ की तुलना जनरल डायर से की है और साथ में जिन मेजर गोगोई ने असाधारण बहादुरी का काम किया उनकी भी काफी बुराई की है। मेरा उनसे कहना है, सर आपको इंडियन आर्मी की एथिक्स, ‘इतिहास और इथोस’ का कोई ज्ञान नहीं है। अगर ऐसा नहीं है तो आप अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और आपको सख्त इलाज की जरूरत है या फिर आप ISI ‘स्पॉन्सर इंटेलेक्चुअल टेररिज्म’ के स्लीपर सेल, जो हिंदुस्तान में मौजूद है, का एक हिस्सा है। उनका आर्टिकल खत्म ही हुआ था कि फिर कम्युनिस्ट लीडर प्रकाश करात ने लिखा है कि भारतीय सेना अनप्रोफेशनल आर्मी है और अपना नैतिक मूल्य खो चुकी है और भारतीय सेना प्रमुख की भी काफी बुराई की है।

मेजर पूनिया ने करात को करारा जवाब देते हुए कहा कि भारतीय सेना अराजनीतिक, निहायत पेशेवर, नैतिक, नीतिपरक और मानवीय आर्मी है और बात रही आर्मी चीफ की तो बताना चाहूंगा उन्होंने 40 साल तक भारतीय सेना की सेवा की है और अभी भी कर रहे हैं।….आपके कैडर और चेले की तो 40 साल की उम्र में जेएनयू में डिग्रियां खत्म नहीं हो रही है साब !…आपके ये जो शिष्य है कन्हैया और उमर खालिद जैसे लोग नारा लगाते हैं भारत तेरे टुकड़े होंगे इन्शाअल्लाह…इन्शाअल्लाह…। अफजल तेरे कातिल जिंदा है, हम शर्मिदा हैं…।

मेजर पूनिया कहते हैं, आपके माओवादी कैडर के लोग सेना को मारते हैं और आप मिठाइयां बांटते हो, आप नैतिकता की तो बात ही नहीं कीजिए। आपसे मेरी अपील है आप कभी सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगते हो, कभी ऐसी बातें करते हो। इस देश का अंतिम हथियार है सेना। करात साब आप मेरे से उम्र में बड़े हैं, मैं आपसे एक वादा करना चाहता हूं कि आप, कन्हैया, उमर खालिद या आपके साथी लोग कभी बाढ़ में फंस जाएं या बोरवेल में गिर जाएं तो बचाने हम ही लोग आएंगे, क्योंकि हम हिंदुस्तान के लोगों से मोहब्बत करते हैं। आप सब लोग हमारे हैं..प्लीज ऐसा मत बोलिए।

  • मेजर सुरेंद्र पूनिया सेना में स्पेशल फोर्सेस ऑफिसर और फिजिशियन के अलावा अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड विनर खिलाड़ी के साथ-साथ लिमका बुक रिकॉर्ड होल्डर भी हैं। वह पॉवर लिफ्टिंग में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट थे और उन्होंने वर्ल्ड चैम्पियनशिप की एथलेटिक प्रतियोगिता में लगातार चार बार पदक जीते। वह राजस्थान के सीकर से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन अब उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

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