Army

स्पेशल रिपोर्ट: काफी हिंसक होंगे भविष्य के युद्ध- जनरल रावत

थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। भविष्य के युद्ध पहले के युद्धों से काफी अलग होंगे और इसमें साइबर और अंतरिक्ष प्रणालियों का अधिकतम इस्तेमाल होगा। करगिल की लड़ाई में भारतीय सेना को मिली विजय की 20वीं सालगिरह के मौके पर यहां शनिवार को आयोजित एक गोष्ठी  का उद्घाटन करते हुए थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि जब करगिल युद्ध हुआ था तब से हम आज काफी आगे निकल चुके हैं।





जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से उड़ी में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट इलाके पर जो सर्जिकल हमला किया उससे हमारे देश का राजनीतिक संकल्प उजागर होता है। जनरल रावत ने कहा कि गत 20 सालों में  युद्ध का स्वरूप काफी बदल चुका है और भविष्य के युद्ध काफी हिंसक होंगे और यह किस दिशा में जाएगा इसकी हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते। जनरल रावत ने कहा कि साल 2016 और 2019 में भारतीय सेना  ने  जो सर्जिकल हमले किये उससे  हमारे देश के इस संकल्प का पता चलता है कि हम आतंकवाद से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार हैं।

सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज द्वारा आयोजित इस सेमिनार में जनरल रावत ने कहा कि  भविष्य के युद्धों में साइबर और अंतरिक्ष के संसाधनों के जरिये दुश्मन पर हावी होने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें कई क्षेत्रों से पैदा होने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने  के लिये तैयार रहना होगा।  उन्होंने कहा कि भावी युद्ध कैसा होगा इसके बारे में अध्ययन चल रहा है । भविष्य के युद्धों में कामयाबी पाने के लिये हमें ढांचागत और मजबूत लॉजिस्टिक्स की जरूरत होगी।  भविष्य के युद्ध सूचना तंत्र से संचालित होंगे और ये काफी गैर पारम्परिक और असंतुलित होंगे।

गोष्ठी में करगिल युद्ध के दौरान सेनाध्यक्ष रहे जनरल वी पी मलिक ने कहा कि हमें दुश्मनों को समुचित संदेश देने के लिये बालाकोट जैसी सैन्य कार्रवाई करते रहनी होगी।

गौरतलब है कि 1999 की गर्मियों में पाकिस्तानी सेना के जवानों को जेहादियों के वेष में कश्मीर के करगिल इलाके की पहाड़ियों पर घुसपैठ करा दिया गया था जिन्हें वहां से बेदखल करने में भारतीय सेना को दो महीने लग गए। भारतीय सेना को इस घुसपैठ की  भनक काफी देर से लगी थी। तब तक पाकिस्तानी जवान करगिल की चोटियों पर डेरा जमा चुके थे।

Comments

Most Popular

To Top