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शहीद कैप्टन आयुष की मां की मोदी से फरियाद…

शहीद कैप्टन-के-पिता

कानपुर। ‘…कब तक माताएं अपने बेटों की शहादत देती रहेंगी,… प्रधानमंत्री मोदी जी 125 करोड़ जनता की भावनाओं को समझें और मेरे बेटे के कातिलों को सजा दें…।’ ये कहना है उस मां का जिसने अपने सपूत को आतंकी हमले में खो दिया है। जब बेटे कैप्टन आयुष यादव की शहादत की खबर मां सुशीला देवी को मिली तो वह बिलख पड़ी। कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आज (27 अप्रैल) सुबह आतंकवादियों ने सेना के कैम्प पर घात लगाकर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन समेत सेना के दो जवान शहीद हो गए। सेना ने मुंह-तोड़ जवाब देते हुए दो आतंकी मार गिराए।





आर्मी कैंप पर उड़ी की तरह आतंकी हमला, कैप्टन आयुष सहित 3 जवान शहीद

शहीद के पिता सब-इंस्पेक्टर हैं तो बाबा एयरफोर्स में

कश्मीर

कश्मीर में शहीद कैप्टन आयुष यादव की फ़ाइल फोटो

कैप्टन आयुष यादव कानपुर के जाजमऊ के निवासी थे। शहीद कैप्टन के पिता वर्तमान में चित्रकूट कोतवाली थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह पंद्रह दिन पहले बेटी की शादी की वजह से छुट्टी लेकर यहीं अपने घर कानपुर में थे। सेना के अफसरों ने आयुष के शहीद होने की जानकारी उनके पिता को दी तो वह गश खाकर बेहोश हो गए। पिता रो-रोकर यही कह रहे थे कि कल बेटे से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा था कि पापा यहां माहौल थोड़ा खराब है पर आप चिन्ता नहीं करना। हम यूनिट के साथ हैं और किसी भी साजिश से निपटने के लिए तैयार हैं। पिता के मुताबिक, बेटे ने इतना जरुर बताया था कि पापा यहां पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ी हैं जिनसे सेना निपट रही है। उन्होंने कहा, ‘अब वक्त आ गए है कि देश के दुश्मनों पर मोदी सरकार फैसला ले। कब तक ऐसे ही बेटे शहीद होते रहेंगे।’

शहीद कैप्टन आयुष

शहीद कैप्टन आयुष की मां का रो-रोकर बुरा हाल है

शहीद कैप्टन का पूरा परिवार देश की सेवा कर रहा है। शहीद के पिता सब-इंस्पेक्टर हैं तो बाबा एयरफोर्स में थे। जबकि चाचा सेना में मेजर पद पर कश्मीर में ही तैनात हैं। वहीं चचेरी बहन और चचेरे जीजा भी सेना में मेजर पद पर तैनात हैं। शहीद के पिता ने बताया कि मेरे पिता सेना में थे, चाचा और दो चचेरे भाई भी सेना की सेवा कर रहे हैं। कक्षा एक से लेकर 12वीं तक साथ पढ़े दोस्त अनुज ने कहा कि आयुष हमें अकेले छोड़कर चला गया। हम अपने दोस्त की शहादत बेकार नहीं होने देंगे। मैं सेना मे जाऊंगा और अपने दोस्त की शहादत का बदला लूंगा।

‘…पांच मिनट में पाकिस्तान को नख्शे से ही गायब कर दें’

कैंट छावनी से शहीद के पिता से मिलने के लिए उनके घर सीओ दुष्यन्त सिंह ने कहा कि सेना का मनोबल ऊंचा है। केंद्र सरकार अगर सेना को आदेश दे दे तो हम पांच मिनट में पाकिस्तान को नख्शे से ही गायब कर दें। सीओ ने कहा कि सेना शहीद कैप्टन आयुष के परिवार के साथ है और उनके परिजनों की हर संभव मदद करेगी। सीओ ने बताया कि शहीद का पार्थिक शरीर शुक्रवार की सुबह आएगा।

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