Air Force

सातवां वेतन आयोग : सैनिकों को मिलेगा विकलांगता भत्ता

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायु सेना और नौसेना) के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतनमान देने का फैसला किया है। नया वेतमान 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। इससे साल 2016-17 में 5031 करोड़ रुपये का बोझ सरकार पर पड़ेगा। यह रकम इस साल यानी 2017-18 में बढ़कर 85,740 करोड़ रुपये हो जाएगी।





बता दें कि जब केन्द्र सरकार ने जून 2016 में सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक 1 जनवरी 2016 से नए वेतनमान लागू करने का फैसला किया था तब सेना के तीनों प्रमुखों ने वेतन आयोग की सिफारिशों पर सैन्य संगठनों द्वारा उठाई गई विसंगतियों को दूर करने तक इसे स्थगित रखने का अनुरोध सरकार से किया था। पहले सैन्य संगठनों ने नॉन फंक्शनल अपग्रेड, मिलिट्री सर्विस पे, कॉमन पे मैट्रिक्स और विकलांगता भत्ता से संबंधित सिफारिशों पर आपत्ति जताई थी।

अभी भी है दिक्कत

अभी भी सैनिकों की चार विसंगतियों में से सिर्फ एक विकलांगता भत्ता पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकी है। बुधवार को एक प्रेस वार्ता में रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया कि इनमें से तीन मुद्दों को अभी नहीं सुलझाया जा सका है। जबकि उन्होंने बताया कि सैनिकों को आम नागरिकों की तरह ही प्रतिशत के आधार पर विकलांगता भत्ता और पेंशन दी जाएगी।

पहले की तरह मिलती रहेगी विकलांगता पेंशन

सैनिकों की बड़ी मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने छठे वेतन आयोग के तहत लागू विकलांगता पेंशन की पुरानी व्यवस्था को बनाए रखा है। छठे वेतन आयोग के तहत सैनिकों को विकलांगता के प्रतिशत के आधार पर पेंशन दी जाती थी जबकि सातवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिश में इस व्यवस्था की जगह स्लैब आधारित व्यवस्था लागू करने को कहा था।

इससे पहले तीनों सेना प्रमुखों ने सरकार के सामने ये बात उठाई थी कि सेना को विकलांगता भत्ता और पेंशन प्रतिशत के आधार पर ही दी जाए। इससे सरकारी खजाने पर करीब 130 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का बोझ आएगा। सैन्य संगठन प्रतिशत आधारित विकलांगता पेंशन को ही वापस लौटाने का दबाव बना रहे थे और सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिश वाली स्लैब आधारित व्यवस्था का विरोध कर रहे थे।

जनवरी 2016 से पहले रिटायर हो चुके सैन्यकर्मियों को भी मिलेगा फायदा

जनवरी 2016 से पहले रिटायर हो चुके सैनिकों को भी सरकार इसके दायरे में लाई है। अब उनकी पेंशन नए कैलकुलेशन के आधार पर बनेगी। इससे करीब 5.5 लाख पेंशनभोगी सैन्य कर्मचारियों को भी फायदा होगा।

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