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घातक 125 MM रशियन बमों के उत्पादन की राह में ये पेंच

125 MM रशियन बम

जबलपुर। आयुध निर्माणी में निर्मित आधुनिक घातक 125 एमएम रशियन बमों के उत्पादन की राह में अब टेस्टिंग का पेंच फंस गया है। निर्माणी में फिलिंग के बाद उन्हें फाइनल टेस्टिंग के लिए बालासोर लॉन्ग प्रूफ रेंज भेजा गया है। बमों को भेजे हुए करीब डेढ़ माह होने को हैं, लेकिन अभी तक टेस्टिंग शुरू नहीं हो पायी है। लिहाजा बिना टेस्टिंग परिणामों के आए रशियन बमों का सुचारू उत्पादन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है।





निर्माणी में ही बम को अंतिम आकार दिया जाना है

सूत्रों ने बताया कि रशियन एंटी टैंक बम 125 एमएम का उत्पादन दो हिस्सों में किया जाएगा। बम का एक हिस्सा रशियन कंपनी खुद बनाएगी। वहीं दूसरा हिस्सा आयुध निर्माणी में फिलिंग किया जाएगा। निर्माणी में ही बम को अंतिम आकार दिया जाना है। लिहाजा रशियन बम 125 एमएम का उत्पादन आयुध निर्माणी में शुरू होने से निर्माणी की उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा हो जाएगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से 125 एमएम (टीपीसी) के 275 कारटेज निर्माणी आए थे।

रक्षा मंत्रालय व डीआरडीओ लगातार भारतीय सेना की सामरिक दक्षता बढ़ाने के लिए आधुनिक बमों के उत्पादन पर काम कर रहा है। युद्ध के मैदान में 125 एमएम बम काफी उपयोगी साबित होते हैं। लिहाजा उनमें तकनीकी सुधार के साथ ही नई तकनीकों के साथ उसके उत्पादन पर गंभीरता से आयुध निर्माणी में काम चल रहा है।

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