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हिमस्खलन के लिए पाक भी जिम्मेदार : जनरल रावत

जम्मू-कश्मीर में हिमस्खल के से शहीद हुए 15 जवानों की मौत का जिम्मेदार पाकिस्तान है। उसकी तरफ से की गई भारी गोलीबारी और जलवायु परिवर्तन की वजह से ही हिमस्खलन हुआ और हमारे 15 जवान शहीद हो गए।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में हिमस्खलन में शहीद हुए 15 जवानों की मौत के लिए पाकिस्तान की गतिविधियां को भी जिम्मेदार माना जाना चाहिए। कुछ ऐसा ही कहा सेना प्रमुख जनरल बिपिन सिंह रावत ने जब वह हिमस्खलन में शहीद हुए मेजर अमित सागर को दिल्ली में श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने शहीद मेजर के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। जनरल रावत ने प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) के शहीद मेजर अमित सागर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वहां पर वह कठिन परिस्थितियों के बावजूद मजबूती से डटे रहे।





जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से संघर्ष विराम उल्लंघन और भारी हथियारों के इस्तेमाल से मिट्टी को नुकसान होता है और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, ग्लोबल वार्मिंक से भी ग्लेशियरों में दरारें पड़ रही हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि बड़े स्तर पर संघर्ष विराम उल्लंघन हुआ है और भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कई बार इससे मिट्टी पर असर पड़ता है।

हिमस्खलन में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को सांत्वना देते हुए जनरल रावत ने कहा कि, ‘मैं जम्मू कश्मीर में बर्फबारी और हिमस्खलन में शहीद हुए जवानों के परिवारों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम आपके साथ हैं।’ 

और क्या कहा आर्मी चीफ ने:

  • पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम उल्लंघन और भारी हथियारों के इस्तेमाल की वजह से मिट्टी ढीली हो जाती है और इससे भू-स्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
  • ग्लोबल वार्मिंग की वजह से भी ग्लेशियर में दरारें पड़ रही हैं। हिमस्खलन ऐसे इलाकों में हो रहे हैं जहां पहले कभी नहीं हुए थे।
  • आतंकियों और घुसपैठियों को रोकने के लिए हिमस्खलन के खतरे के बाद भी मजबूरी में जवानों की तैनाती करनी पड़ती है।
  • सेना हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों का पता लगाने के लिए डीआरडीओ के तहत काम करने वाले हिम और हिमस्खलन अध्ययन संस्थान की मदद ले रही है।
  • सेना प्रमुख ने हिमस्खलन में जान गंवा चुके जवानों के परिवारों से भी धैर्य रखने का अनुरोध किया क्योंकि मौसम खराब होने के कारण जवानों की पार्थिव देह निकालने में कठिनाइयां आ रही हैं।

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