Army

सैनिकों को और अधिक सम्मान की जरूरत: पूर्व सैन्य कर्मी

प्रथम डिफेंस लिटरेचर फेस्टिवल

1st Defence Lit. Festival





चंडीगढ़। सैनिक सरहद की हिफाजत आन, बान, शान के साथ करते हैं। उनका मनोबल सदा ही ऊंचा रहता है। कोई जवान खुद को अकेला नहीं मानता। वे शांतिकाल में ज्यादा पसीना इसलिए बहाते हैं ताकि लड़ाई के समय कम खून बहाना पड़े। कंपनी कमांडर समेत पूरे देश का हुक्म इसलिए मानते हैं कि मातृभूमि की रखवाली करें। लेकिन सैनिकों को भी सम्मान की चाह होती है। युद्ध के समय सभी मान-सम्मान देते हैं लेकिन शांतिकाल में उन्हें इसकी और आवश्यकता होती है। इन्हीं विचारों को व्यक्त किया मेजर जनरल (रिटायर्ड) एमएस कांडल ने सेक्टर-27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रथम डिफेंस लिटरेचर फेस्टिवल में। इस कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ प्रेस क्लब, ज्ञानवती-ओपी जैन मेमोरियल ट्रस्ट तथा स्वयंसेवी संगठन भारत निर्माण की ओर से किया गया।

1st Patriotic Film Festival की डायरेक्टर तथा rakshaknews.com की सीईओ मीनू गुप्ता ने ‘सेना, सरहद और चुनौतियां’ विषय पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की।

मीनू-गुप्ता

rakshaknews.com की सीईओ मीनू गुप्ता तथा सांसद किरण खेर सेवा निवृत्त सैन्य अफसरों के साथ

चर्चा में भाग लेते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) प्रेमनाथ हूण, मेजर जनरल (रिटायर्ड) एमएस कांडल और मेजर (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह ने अपने सैन्य कार्यकाल से जुड़े जीवंत विचार सभागार में मौजूद उत्साही श्रोताओं से साझा किए। चर्चा के बीच लोगों का आह्वान करते हुए मीनू गुप्ता ने कहा कि क्या आज और अभी हम सब सैनिकों को और ज्यादा मान-सम्मान देने की शपथ ले सकते हैं? कार्यक्रम के बीच वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह के निधन पर भी एक मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

पाक-चीन से निपटने के लिए सक्षम लोगों की जरूरत

लेफ्टिनेंट जनरल पी एन हूण के मुताबिक पाकिस्तान और चीन हाल के दिनों में जिस तरह से अपनी हरकतें कर रहे हैं उससे निपटने के लिए भारत को सचेत और सतर्क रहने तथा सक्षम लोगों की जरूरत है। साथ ही उन्होंने देश की नई रक्षा मंत्री को सियाचिन और दुर्गम सैन्य क्षेत्रों में जाने की जरूरत पर जोर दिया।

यह पकिस्तान की मूर्खता होगी

यदि आज के हालात में पाकिस्तान भारत के साथ जंग छेड़ता है तो वह उसकी मूर्खता होगी। लाहौर हम से दूर नहीं है और हम दुनिया की श्रेष्ठ आर्मी हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए बता चुके हैं कि हम तुम्हारे घर में भी घुसकर हमला कर सकते हैं।

 डिफेंस से जुड़ी फिल्में बनें

मेजर जनरल कुलवंत सिंह ने कहा कि बॉलीवुड की हस्तियों को डिफेंस से जुड़े विषयों पर अधिक से अधिक फ़िल्में बनानी चाहिए ताकि आज देशवासी खास तौर पर युवा इस बात को समझ सकें कि जवानों की जांबाजी, बहादुरी व बलिदान के एवज में युद्ध कैसे जीते गए। इसके लिए सैनिकों के साक्षात अनुभव व फ़िल्मी हस्तियों की कुशल तकनीक तथा अभिनय का संगम जरूरी है।

इस अवसर पर चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने कार्यक्रम के संयोजकों तथा सभागार में मौजूद लोगों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि उनके पिता व दादा फौज में थे और जब कोई फौज तथा रक्षा की बात करता है तो कार्यक्रम में आए बिना मन नहीं मानता। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि चंडीगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस दया चौधरी ने सेना, साहित्य और समाज की नामचीन हस्तियों को सम्मानित तथा पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि आज इसी तरह के कार्यक्रमों, आयोजनों और समारोहों की जरूरत है ताकि लोगों में संस्कारजनित जागरूकता पैदा हो।

कार्यक्रम में शहर की मेयर आशा जसवाल, प्रेस क्लब के अध्यक्ष जसवंत सिंह राणा, भूपिंदर जैन, रवीन्द्र भंडारी ने सैन्य व साहित्य जगत की रोचक बातें श्रोताओं के सामने रखीं ताकि सभी लोगों में चेतना पैदा हो।

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