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मिलिए इस ‘फरिश्ते’ से, जिसने बचाई 50 जिदंगियां

श्रीनगर। कश्मीर में आतंकी हमले का शिकार हुई अमरनाथ यात्रियों की बस गुजरात की थी। बस ड्राइवर के भाई जावेद मिर्जा ने बताया कि उसे रात साढ़े 9 बजे उसके भाई ने फोन कर हमले के बारे में बताया। ड्राइवर के भाई ने कहा कि वह 7 जिंदगियां नहीं बचा सका लेकिन 50 लोगों को एक सुरक्षित स्थान पर लेकर गया। मुझे अपने भाई पर गर्व है।





अमरनाथ यात्रा से लौट रही जिस बस को ड्राइवर सलीम शेख चला रहे थे। गोलियों की आवाज सुनकर बस में अफरातफरी मच गई थी और लोग घबरा गए थे लेकिन ऐसे संकट के समय बस के ड्राइवर सलीम शेख ने हिम्मत नहीं हारी। उसे मालूम था कि अगर उसने बस रोक दी तो आतंकियों के लिए बस पर निशाना साधना आसान हो जाएगा।

सलीम ने बस के एक्सेलेरेटर पर पांव रखा और गोलीबारी के बीच बस दौड़ाना शुरू कर दिया। इस बीच एक गोली बस के टायर पर भी लगी लेकिन फिर भी सलीम ने बस नहीं रोकी और लगातार बस दौड़ाते रहे। आखिर में सलीम बस को लेकर एक आर्मी कैंप में पहुंचे और इस तरह उन्होंने अपनी जान पर खेलकर कई लोगों की जान बचाई।

15 साल बाद अमरनाथ यात्रियों पर हुआ ऐसा आतंकी हमला

सलीम के परिवार को इस बात का दुख है कि वो सात लोगों की जान नहीं बचा सके और साथ में इस बात का गर्व भी है कि बस में सवार बाकी लोगों को वो सुरक्षित बचाकर आतंकियों के हमले से दूर ले जा सके।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर सोमवार रात हुए आतंकी हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई है और 32  घायल हो गए हैं। कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर भगवती नगर समेत शहर में यात्रियों के ठहरने के विभिन्न स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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