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नम आंखों के साथ शहीद राजेश खत्री को अंतिम विदाई

जवान राजेश खत्री

वाराणसी। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हुए जवान राजेश खत्री को शुक्रवार को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। राजेश खत्री बुधवार को जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हो गए थे। हरिश्चंद्र घाट पर परिजनों, संबंधियों और सेना के जवानों-अधिकारियों की उपस्थिति में सैन्य परंपरा के साथ राजेश खत्री का अंतिम संस्कार किया गया।





बुधवार को केरन सेक्टर में पाकिस्तान ने भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। राइफलमैन राजेश खत्री वहीं तैनात थे। इस गोलीबारी में गोली लगने से राजेश खत्री घायल हो गये। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया न जा सका।

मूलतः नेपाल के डाइलेख में तोरयान गांव के रहने वाले राजेश के परिवार में उनकी पत्नी दीपा खत्री, एक छोटा बच्चा, माता-पिता और भाई हैं। 27 वर्षीय राजेश वर्ष 2011 में सेना में शामिल हुए थे।

गुरुवार को श्रीनगर में सेना की 15वीं कोर के मुख्यालय में आयोजति शोक सभा में सेना के जवानों और अधिकारियों ने अपने शहीद साथी को श्रद्धांजलि दी। श्रीनगर से उनका पार्थिव शरीर वाराणसी भेजा गया।

वाराणसी में अंतिम दर्शनों के लिए उनका पार्थिव शरीर 39जीटीसी परिसर गेट नंबर 5 के समीप मैदान में रखा गया। शुक्रवार को सुबह छावनी के ब्रिगेडियर एसए रहमान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। ब्रिगेडियर रहमान ने शहीद के परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

इसके बाद हरिश्चंद्र घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पिता ने दी।

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