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पूरी तैयारी से इन पांच ने रची थी फिदायीन हमले की साजिश

कश्मीर

श्रीनगर। उड़ी में 9 जून को मारे गए लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकवादी सेना पर उसी तरह का हमला करने के इरादे से आये थे जैसा पिछले साल सितम्बर में किया गया था। नियंत्रण रेखा से घुसपैठ करने वाला यह आत्मघाती दस्ता था और इसकी तैयारियां बताती हैं कि सेना से हर तरह के मुकाबले के हिसाब से भारत में घुसे थे।





सेना के एक अधिकारी के मुताबिक़ आतंकी अपने जिस्म पर खासतौर से बनाई गई आईईडी (IED) बांधकर आये थे और इसमें टाइमर भी लगा हुआ था। इनके पास से पांच एके 47 असाल्ट राइफल, दो अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर (UGBL), विस्फोटक, जंगी लिबास, आग लगाने में इस्तेमाल होने वाला सामान और खाने-पीने का ऐसा सामान था जो लम्बे मुकाबले तक चलता।

ये आतंकवादी घने जंगल वाले सीमाई इलाके से घुसपैठ करके पहुंचे थे और सेना ने दो घंटे के मुकाबले के दौरान इन्हें मार गिराया था। इनके पास से मिले सामान पर मेड इन पाकिस्तान (Make In India) का ठप्पा लगा हुआ है।

पिछले साल 18 सितम्बर को ऐसे ही एक आतंकवादी गुट ने उड़ी में सेना के कैम्प को निशाना बनाया था। इस हमले में भारतीय सेना के 19 जवान मारे गए थे। आतंकवादियों ने सेना के कैम्प में आग भी लगा दी थी। इस हमले के बाद ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

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