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मणिपुर में सेना से जुड़े मामलों पर SC बना सकता है SIT

सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और मणिपुर सरकार को इस बात के लिए फटकार लगाई कि सुरक्षा बलों द्वारा एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले की जांच न करने में उन्होंने सेना का साथ दिया। उस नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का सेना के दो जवानों पर आरोप है। कोर्ट ने पूछा कि क्या वर्दी में रेपिस्ट मौजूद हैं?





कोर्ट ने आज इस बात के संकेत दिए कि वह ऐसे मामलों की जांच के लिए मणिपुर से बाहर के पुलिस अफसरों की एसआईटी (SIT) का गठन कर सकती है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 12 अप्रैल को मणिपुर में सेना द्वारा मारे गए लोगों के मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन करने के लिए क्युरेटिव पिटीशन दायर की है। केंद्र का कहना है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मसला है और इस फैसले से जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के हिस्सों में सेना का रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है।

आपको बता दें कि पिछले साल आठ जुलाई को मणिपुर में 2010 से 2012 के बीच सेना के जवानों द्वारा मारे गए लोगों के मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेना किसी के साथ बदले की भावना के तहत कार्रवाई नहीं कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान मारे गए करीब डेढ़ हजार लोगों की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। आपको बता दें कि आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट के तहत सेना ने वर्ष 2010 से वर्ष 2012 के बीच करीब डेढ़ हजार से ज्यादा एनकाउंटर किए। इसी की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

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