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‘AFOWO से सेना या AWHO का कोई लेना-देना नहीं’

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने अपने जवानों और अधिकारियों को निर्देशित किया है आर्म्ड फोर्सेज ऑफिशियल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (AFOWO) के बैनर तले जो दुकानें, फ्लैट और प्लॉट बेचे जा रहे हैं उनसे भारतीय सेना अथवा आर्मी वेलफेयर हाउसिंग आर्गनाइजेशन (AWHO) का कोई लेना-देना नहीं है। यह स्पष्टीकरण भारतीय सेना ने अपने ट्विटर हैंडल पर दिया है।





दरअसल, भारतीय सेना को संभवत: यह सफाई इसलिए देनी पड़ी ताकि लोग भ्रमित न हों क्योंकि आर्मी वेलफेयर हाउसिंग आर्गनाइजेशन से मिलता-जुलता नाम आर्म्ड फोर्सेज ऑफिशियल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन ग्रेटर नोएडा और रानीखेत (नैनीताल, उत्तराखंड) में आवासीय प्लॉट और फ्लैट बेच रहा है। इसके लिए उसने अच्छा-खासा प्रचार-प्रसार भी कर रखा है।

आर्म्ड फोर्सेज ऑफिशियल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन में अलाटमेंट और कोआर्डिनेशन देखने वाले भूपिंदर सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनका ऑर्गनाइजेशन आर्मी से जुड़े पैनल द्वारा चलाया जाता है। यह ऑर्गनाइजेशन 23 साल से काम कर रहा है और 1868 एक्ट के तहत भारत सरकार से रजिस्टर्ड है। कम्पनी के चेयरमैन ग्रुप कैप्टन युद्धवीर तलवार और विंग कमांडर सुजाय मुखर्जी हैं। यह भारतीय सेना के संगठन आर्मी वेलफेयर हाउसिंग आर्गनाइजेशन (AWHO) से अलग काम करता है।

 

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