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…पाकिस्तान को सबक सिखाने के और भी हैं तरीके: आर्मी चीफ

जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक ही नहीं, बल्कि दूसरे तरीके भी हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि पाकिस्तान के फौजी जनरलों को लगता है कि वे एक आसान लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसका उन्हें फायदा हो रहा है। लेकिन ये उनकी गलतफहमी है।





हमारी सेना अनुशासित सेना, किसी का सर नहीं काटती : रावत

एक अखबार को दिए एक इंटरव्यू में आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि यदि पाकिस्तान सोच रहा है कि वह भारत से एक आसान लड़ाई लड़ रहा है जिसका उसे फायदा मिल रहा है, तो ये उसकी ग़लतफ़हमी है। हमारे पास सर्जिकल स्ट्राइक से अलग भी कई तरीके हैं। हमारी सेना उन्हें सबक सिखाने के लिए प्रभावी तरीके अपना सकती है। हम सैनिकों का सिर काटने में यकीन नहीं रखते, क्योंकि हम एक अनुशासित सेना हैं। रावत ने कहा कि हमारी सेना बर्बर नहीं है, हम एक अनुशासन वाली फौज हैं, किसी का सर नहीं काटते।

बिना शांति के मुमकिन नहीं बात-चीत

पाकिस्तानी आतंकी सैयद सलाहुद्दीन को अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि देखना होगा कि पाकिस्तान अब किस तरह कार्रवाई करता है, जबकि पाकिस्तान ने उसी दिन कहा था कि हम कश्मीर के लड़ाकों को नैतिक समर्थन देते रहेंगे। कश्मीर में अलगाववादियों से बात-चीत के मुद्दे पर आर्मी चीफ ने कहा कि बिना शांति के कोई बात-चीत कैसे हो सकती है। मैं उस शख्स से बात-चीत करूंगा, जो हमें भरोसा दे कि घाटी में सेना के काफिले को निशाना नहीं बनाया जाएगा, जिस दिन ऐसा होगा हम खुद बात-चीत के लिए आगे आएंगे। कश्मीर में हालात सामान्य बनाने के लिए सेना हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

12-13 साल के लड़के भी कहते हैं हम फिदायीन बनेंगे

कश्मीरी नौजवानों के रवैये को लेकर किए गए सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि भारतीय सेना सिर्फ आतंकियों का ही सामना नहीं कर रही, हमारी सेना वहां के युवाओं का दिल जीतने की भी कोशिश कर रही है। सच ये है कि कश्मीरी युवाओं को सुनियोजित तरीके से भ्रमित करने का खेल खेला जा रहा है। यहां 12-13 साल के लड़के भी कहते हैं कि हम फिदायीन बनना चाहते हैं आखिर कौन है जो उनके दिमाग में इस तरह का जहर भर रहे हैं? हमारी अपील है कि युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्य धारा में लौटें।

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