Army

शहीदों के परिवार के लिए हरियाणा सरकार का फैसला

हरियाणा सरकार

चंडीगढ़। हरियाणा में अब शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने में विलम्ब नहीं होगा। सरकार ने उपायुक्तों और जिला सैनिक एवं अर्ध-सैनिक कल्याण अधिकारियों को अनुग्रह अनुदान राशि जारी करने की शक्तियां प्रदान कर दी हैं।





  • हरियाणा में भूतपूर्व सैनिकों की संख्या 2.83 लाख से अधिक
  • उनके आश्रितों की संख्या लगभग 8.75 लाख
  • 1216 युद्ध विधवाएं, 85121 विधवाएं और उनके 2,48,099 आश्रित
  • द्वितीय विश्व युद्ध के 5500 भूतपूर्व सैनिक और विधवाएं भी हैं

मंगलवार को प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 50 लाख रुपये के अनुग्रह अनुदान को स्वीकृति देने का अधिकार उपायुक्तों को सौंपा गया है ताकि जिला कार्यालय से मुख्यालय और मुख्यालय से जिला कार्यालय में दस्तावेजों को भेजने में कोई देरी न हो। उन्होंने बताया कि यह देखा गया है कि दुश्मन की कार्रवाई, आतंकी मुठभेड़ और आईईडी विस्फोटों के कारण हुई मृत्यु के मामलों में अक्सर रक्षा तथा अर्धसैन्य अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज जारी करने में कुछ समय लग जाता है। इसलिए राज्य सरकार ने शहादत के ऐसे मामलों में अनुग्रह अनुदान की वित्तीय सहायता जारी करने का निर्णय लिया है, जिनकी राष्ट्रीय मीडिया में व्यापक रूप से रिपोर्ट हो और जहां तथ्य स्वयं स्पष्ट हों। ऐसे मामलों में राज्य सरकार ने सैन्य और अर्ध-सैन्य अधिकारियों से दस्तावेजों को जारी करने का इंतजार किए बिना तुरंत अनुग्रह अनुदान राशि जारी करने का निर्णय लिया है।

प्रवक्ता ने बताया कि नवम्बर, 2014 से लेकर अब तक राज्य सरकार ने शहीदों के निकट संबंधियों को ग्रुप-सी और डी श्रेणियों में 120 से अधिक नौकरियां दी हैं। राज्य सरकार शोक संतप्त परिवारों को अनुग्रह अनुदान के रूप में 50 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा प्रदान करती है। यह देश में शहीदों के परिवारों को दी जाने वाली सबसे अधिक अनुग्रह राशि है। उन्होंने बताया कि रक्षा और अर्ध-सैन्य सेवाओं में सैनिक बहादुरी से अपने देश को बाहरी आक्रामकता से बचाते हैं और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं ताकि भारत के लोग शांति से जी सकें, काम कर सकें और सो सकें। वे अपने जीवन को अत्यधिक जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं।

Comments

Most Popular

To Top