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शहीद परमजीत की बेटी को अपनाने चला है ये IAS और IPS दम्पति

नई दिल्ली। हाल में पुंछ में पाकिस्तान की बर्बरता का शिकार हुए सेना के नायब सूबेदार परमजीत सिंह की छोटी बेटी खुशदीप को एक आईएएस और आईपीएस अफसर दम्पति ने गोद लेने का फैसला लिया है। यह अफसर हैं कुल्लू के उपायुक्त (DC) यूनुस खान और सोलन की पुलिस अधीक्षक अन्जुम आरा। अन्जुम देश की दूसरी मुसलिम महिला आईपीएस अफसर हैं। रक्षकन्यूजडॉटकाम को उपायुक्त ने बताया कि वह कल पत्नी के साथ अपनी ‘बेटी’ से मिलने तरनतारन जा रहे हैं। वहाँ वह परमजीत के परिवार के समक्ष अपना प्रस्ताव रखेंगे।





आईपीएस अफसर अन्जुम आरा (बाएं) और शहीद परमजीत सिंह की बेटी खुशदीप (दाएं)

पंजाब के तरनतारन जिले के वेईन्पुई गांव के रहने वाले जूनियर कमीशंड आफिसर (जेसीओ) परमजीत सिंह 1 मई को पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लंघन करते हुए की गई गोलीबारी में कृष्णाघाटी सेक्टर में शहीद हो गए थे। उनके परिवार में अब उनके पिता उधम सिंह, मां गुरिन्दर कौर, पत्नी परमजीत कौर, पुत्र साहिलदीप सिंह और दो पुत्रियां सिमरनदीप और खुशदीप हैं।

आईएएस अफसर यूनुस खान का कहना है कि, ‘मैंने और मेरी पत्नी ने खुशदीप का खर्च वहन करने का फैसला लिया है। कल (6 मई ) हम परिवार से बातचीत करने जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चे की ही तरह खुशदीप की पढ़ाई और अन्य खर्च उठाएंगे। यूनुस का कहना है कि मैं ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’ अभियान को न सिर्फ बतौर प्रशासनिक अधिकारी आगे बढ़ा रहा हूँ बल्कि खुद पर भी इसे लागू करना चाहता हूँ, इसलिए मैंने यह फैसला लिया है। उपायुक्त का कहना है कि खुशदीप अपने परिवार के साथ ही रहेगी। हम उसका ख्याल रखेंगे। समय-समय पर उससे मिलने भी जाएंगे। अगर आगे वह अपने गाँव में पढ़ना चाहेगी तो ठीक है और अगर वह कहीं और पढ़ना चाहेगी तो भी हम उसे पढाएंगे।

अन्जुम आरा

अन्जुम आरा ने इस सम्बन्ध में एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने खुशदीप को गोद लेने की वजहें और अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने जैसा कहा आपके सामने है… “उसने (पति यूनुस के लिए) मुझे बताया था कि हम इस फैमिली (परमजीत सिंह) के लिए कुछ करते हैं। …तो फिर हम लोगों ने डिसाइड किया कि हम उनकी जो सबसे छोटी बेटी है… 12 साल की… उसको एडॉप्ट करेंगे। यह डिसाइड करने के बाद हमने उनके फैमिली मेंबर से भी बात की थी, सारी चीजें क्लियर की थीं… फिर उसके बाद उन्होंने हां की थी। अब उनकी छोटी बेटी को एडॉप्ट कर रहे हैं। हमारे जो सैनिक बार्डर पर हैं सबसे ज्यादा वही झेल रहे हैं। उन्हीं की वजह से हम आज सुरक्षित वातावरण में रह रहे हैं… तो उनके लिए करना तो हमारी ड्यूटी बनती है क्योंकि मैं भी यूनिफार्म सर्विस में हूं… तो मुझे पता है कि किस मुश्किल माहौल में, विकट स्थितियों में वह काम करते हैं… डटे हुए हैं… केवल अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए। ये तो हम लोगों को भी इसी से प्रेरणा मिली है हमें भी उनके लिए कुछ करना चाहिए। वैसे हम समाज का एक हिस्सा भी हैं तो उनके लिए करना चाहिए।”

परमजीत सिंह का परिवार बहुत संपन्न नहीं है। इस परिवार के पास महज दो एकड़ जमीन है और रहने के लिए खेतों में बना आधा कच्चा मकान है। परमजीत की बड़ी बेटी कक्षा 10 की छात्रा है जबकि खुशदीप और साहिलदीप कक्षा सात में पढ़ रहे हैं। खुशदीप और साहिल जुड़वां हैं।

शहीद की बेटी

आईपीएस अफसर अन्जुम आरा और आईएएस अधिकारी यूनुस खान

शहीद की बेटी

आईपीएस अधिकारी अन्जुम आरा (बीच में)

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