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जीप से बांधने वाले वीडियो पर ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’

सेना-की-जीप

नई दिल्ली। सेना की जीप में युवक को बांधे जाने के मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया गया है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन हालात में हुई। यह मुकदमे के तौर पर नहीं देखा जाता। सेना के सूत्रों ने बताया कि इस मामले में 15 मई तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।





बड़गाम में 9 अप्रैल को सेना की गाड़ी के आगे एक युवक को बांधे जाने का वीडियो सामने आया था। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसका वीडियो ट्वीट कर इसे शॉकिंग बताया था। कश्मीर समेत पूरे देश में वीडियो पर अलग-अलग प्रतिक्रिया आई थी। आर्मी चीफ बिपिन रावत इसके बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी मिले थे।

सेना के सूत्रों की ओर से तब इस मुद्दे पर कहा गया था कि वीडियो के कंटेंट की जांच की जा रही है। एक पोलिंग स्टेशन पर कुछ जवानों समेत 12 लोग पत्थरबाजों के हमले में घिर गए थे। करीब 400 से 500 लोग पत्थरबाजी कर रहे थे। घिरे हुए लोगों ने सेना से मदद मांगी। वहां पहुंची सेना की क्विक रेस्पांस टीम के एक अफसर ने यह फैसला किया कि पत्थरबाजों में से एक को पकड़कर गाड़ी से बांध दिया जाए, ताकि पत्थरबाजी से बचा जा सके।

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