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ले. फैयाज के क़त्ल पर फूटा देश का गुस्सा, इंडिया गेट पर गूँजा ‘जरा याद करो कुर्बानी…’!

शहीद ले. उमर फैयाज

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के कुलगाम में अगवा करके कत्ल किए गए सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च में शामिल हुए लोगों में आतंकवादियों के प्रति जबरदस्त गुस्सा दिखाई दिया। इंडिया गेट पर जमा हुए इन लोगों में खास और आम सभी थे, यहाँ तक कि छोटे बच्चे और महिलाएं भी। इनमें पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर समेत कई पूर्व सैन्य अधिकारी और जवान भी दिखाई दिए।





पिछले कुछ अरसे से आतंकवाद से जुड़े मुद्दे पर राजधानी में इस तरह का पहला मौका था जब इतनी बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। परिवारों के साथ आए छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इनमें थे। बड़ी तादाद में युवतियां और महिलाएं भी जलती मोमबत्ती लेकर अपनी भावनाएं और गुस्सा प्रकट कर रही थीं।

कुछ ऐसा था इंडिया गेट का नजारा

शहीद ले. उमर फैयाज

शहीद ले. उमर फैयाज को इन बच्चों ने भी दी श्रद्धांजलि

इनमें कई लोग ऐसे थे जिनके परिवार के लोग सेना में तैनात हैं। ज्यादातर लोग कश्मीर में फैलते आतंकवाद के लिए राजनेताओं को दोषी ठहरा रहे थे। उत्साही युवकों के जत्थे ‘भारत माता की जय’ ‘जय हिंद’ ‘वंदेमातरम’ जैसे उद्घोष कर रहे थे। कइयों के हाथ में तिरंगे लहरा रहे थे और कुछ ने फैयाज की तस्वीर वाले पोस्टर और श्रद्धांजलि लिखे बैनर पकड़े हुए थे। सात बजे ही इंडिया गेट पर लोगों का इकट्ठा होने शुरू हो गया था। इंडिया गेट के लान के इर्द-गिर्द लगातार सैकड़ों की तादाद में जलती मोमबत्तियां दिखाई दे रही थीं। एक मोमबत्ती पिघल कर बुझती थी कि उससे पहले एक और जल चुकी होती थी।

बांसुरी से श्रद्धांजलि

आज यह शख्स बांसुरी नहीं बेच रहा था बल्कि शहीद फैयाज को श्रद्धांजलि दे रहा था

शाम को जबसे लोगों के इंडिया गेट पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तब से एक शख्स लगातार बांसुरी पर देशभक्ति के गीतों की धुन बजाते हुए अपने तरीके से फैयाज को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था। ये कोई और नहीं वही बांसुरी वाला था जो अक्सर इंडिया गेट के इर्द गिर्द बांसुरी बेचते दिखाई देता है और बॉलीवुड की लोकप्रिय धुन बजाता है। लेकिन आज इसकी न सिर्फ धुन बदली हुई थी बल्कि इसने आज बांसुरी बेचने की बजाय फैयाज को याद करना जरूरी समझा। …जब हम बैठे थे घरों में… वो झेल रहे थे गोली…।

गौरतलब है कि 22 वर्षीय फैयाज कश्मीर के शोपियां इलाके के सुरसोना गांव के रहने वाले थे। पिछले दिनों वह बाटपुरा में अपने मामा की लड़की की शादी में शरीक होने गए थे। सेना में भर्ती होने के बाद ये फयाज की पहली छुट्टी थी। लेकिन बीते मंगलवार की रात को शादी से लौटते वक्त आतंकियों ने उन्हें अगवा किया। फैयाज को गोलियों से छलनी करने के बाद उनके शव को चौक पर फेंक दिया गया था। शुरुआती जांच के मुताबिक, फैयाज के अपने ही परिचितों ने उनकी सूचना आतंकवादियों को दी थी।

फैयाज जम्मू के अखनूर में सेना की राजपूताना राइफल में तैनात थे। वह 129वें कोर्स के कैडेट थे। पांच महीने पहले ही 10 दिसंबर 2016 को सेना में कमीशन मिला था।

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