Army

तनाव के बीच सिक्किम पहुंचे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

बिपिन-रावत

गंगटोक। सेना प्रमुख बिपिन रावत सिक्किम में सीमा पर भारतीय तथा चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध के बीच सुरक्षा हालात का जायजा लेने के लिए गुरुवार को यहां पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, सेना प्रमुख सुरक्षा हालात का जायजा लेंगे और सीमाई इलाकों का दौरा कर सकते हैं।





उनके दो दिवसीय दौरे को डोंगलांग में भारत और चीन की सेना के बीच झड़प से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इसे सामान्य दौरा कहा है। जून के पहले हफ्ते में हुई घटना के बाद डोका ला क्षेत्र के लालटेन पोस्ट के पास चीन व भारतीय सैनिकों के बीच हुई झडपों के बाद सेना प्रमुख का ये पहला दौरा है।

जून के फर्स्ट वीक में हुई थी घटना

दरअसल चीन सैनिकों ने हाल ही में सिक्किम सेक्टर में घुसने की कोशिश की और भारतीय जवानों से हाथापाई की और चीन सैनिकों ने इंडियन आर्मी के दो बंकर भी तोड़ दिए थे। चीनी सैनिकों को रोकने के लिए भारतीय सैनिकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। भारतीय सैनिकों ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास ह्यूमन चेन बनाकर चीनियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन फिर भी वे धक्का-मुक्की करते रहे। उधर, चीन ने सोमवार देर रात उलटा भारतीय सैनिकों पर ही बॉर्डर क्रॉस करने का आरोप लगा दिया। यही नहीं, चाइना ने अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को भी रोका था जिसके कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था।

लालटेन चौकी के पास हुई थी झड़पें

सूत्रों के मुताबिक, ये घटना जून के पहले हफ्ते में दोका ला क्षेत्र के लालटेन पोस्ट के पास हुई, जहां इंडियन आर्मी व ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ के जवान आपस में उलझ गए। यह मामला ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी चरम पर है। दरअसल, भारत का चीन की वन बेल्ट वन रोड (OBOR) समिट से बायकॉट और चीन द्वारा एनएसजी में भारत की एंट्री रोकने जैसे मुद्दे रिश्तों में कड़वाहट की मुख्य वजह हैं।

भारतीय सैनिकों पर बॉर्डर क्रॉस करने के लगाए थे आरोप

चीन ने भारतीय सेना पर ही सिक्किम में बॉर्डर क्रॉस करने का आरोप लगाया था। उसने भारत से सैनिकों को फौरन वापस बुलाने की मांग की। चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गेंग शुआंग ने सोमवार रात दिए बयान में कहा,
इंडियन बॉर्डर गार्ड्स भारत-चीन सीमा पर सिक्किम वाले इलाके में बाउंड्री क्रॉस कर चीन में घुस आए। इस पर चीनी सेना ने जरूरी कार्रवाई की। नाथु ला दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा रोकने के पीछे चीन का कहना है कि उसने बॉर्डर पर जारी गतिरोध की वजह से ऐसा किया।

Comments

Most Popular

To Top